विश्व बालिका दिवस पर आयोजित हुआ विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर

बहराइच । आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में मा. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा 02 अक्टूबर से 14 नवम्बर 2021 तक आयोजित किये जा रहे अखिल भारतीय विधिक जागरूकता एवं साक्षरता कार्यक्रम अन्तर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बहराइच के निर्देशानुसार सोमवार को अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर तारा महिला इण्टर कालेज, बहराइच में विधिक जागरूकता एवं साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ छात्राओं द्वारा अभिवादन/स्वागत गीत गा कर किया गया। तत्पश्चात् छात्राओं द्वारा ’’बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं’’ तथा ’’भू्रण हत्या’’ पर आधारित नाट्य प्रस्तुत किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बहराइच सचिव श्रीमती शिखा यादव, तारा महिला इण्टर कालेज की प्रधानाचार्या श्रीमती सरिता अग्रवाल, अधिवक्ता श्रीमती माधुरीलता मिश्रा, प्रीती श्रीवास्तव व शान्ती पाण्डेय, पराविधिक स्वयं सेवक सोनाली पाण्डेय तथा कालेज की अध्यापिकाएं व छात्राएं मौजूद रहीं।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सचिव श्रीमती यादव ने कहा कि ’’बेटियॉ अभिषाप नहीं अपितु हमारा अभिमान है’’। उन्होंने कहा कि महिलएं आज हर क्षेत्र में पुरूषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहीं हैं। श्रीमती यादव ने बालिकाओं एवं शिक्षिकाओं का आहवान किया कि यदि उनके सामने किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा अथवा दहेज उत्पीड़न से सम्बन्धित को कोई समस्या है तो चुप न रहें बल्कि इसके विरूद्ध अपनी आवाज़ बुलन्द करें। श्रीमती यादव द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बहराइच द्वारा प्रदान की जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता, निःशुल्क अधिवक्ता एवं मध्यस्थता के बारे में भी जानकारी प्रदान की गयी।

सचिव श्रीमती यादव ने सरकार द्वारा बालिकाओं के लिए संचालित की जा रही सुकन्या समृद्धि एवं कन्या सुमंगला योजना के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि सभी बालिकाएं योजना का भरपूर लाभ उठाये। गर्भधारण पूर्व प्रसव पूर्व निदान तकनीक एक्ट के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई भ्रूण के लिंग की जांच करवाता है या करता है या भ्रूण हत्या करता है तो उनके लिए कड़ी से कड़ी सजा का प्रावधान है। कार्यस्थल पर महिलाआंे का लैगिंक शोषण न हो इसके लिए हर विभाग में आन्तरिक समिति का गठन करना अनिवार्य है।

अधिवक्ता श्रीमती माधुरीलता मिश्रा द्वारा हेल्पलाइन नम्बर 1090, 1098 व 112 तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बहराइच द्वारा संचालित मध्यस्थता एवं सुलह समझौता केन्द्र की प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि लिंग जांच, भू्रण हत्या, बाल विवाह गैर कानूनी है, जिसमंे संलिप्त पाये जाने पर दोषी को सजा भी हो सकती है। श्रीमती मिश्रा ने छेड़खानी से बचने के लिए आत्मरक्षा के लिए बालिकाओं को करते हुए थानों पर शिकायत आदि प्रस्तुत करने के प्राविधानों के बारे में जानकारी प्रदान की।

इसके अतिरिक्त अमर सेवा संस्थान के तत्वाधान में रामनरेश इण्टर कालेज इंदूर फखरपुर में माधुरी मिश्रा, डॉ. अमरनाथ, अनिल कुमार शर्मा, न्यू इण्डियन पब्लिक स्कूल में विमलेन्द्र कुमार शुक्ल व चन्द्र शेखर अवस्थी, सी.एच.सी. पयागपुर में ब्लाक प्रमुख की उपस्थिति में शान्तनु श्रीवास्तव एडवोकेट, महिला विकास केन्द्र नाजिरपुरा मंे मशीरा, महिला आवाम बाल विकास संस्थान में मो. असलम एडवोकेट व सदस्यागण खुशबू व सुचि मिश्रा, जरवल परियोजना अन्तर्गत समस्त मुख्य सेविकाओं व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा कस्तूरबा गांधी विद्यालय बेगमपुर बहराइच में व पीएलवी रामनिवास व जयशंकर त्रिपाठी आदि द्वारा विभिन्न स्थानों पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर लगाने के साथ-साथ विभिन्न गांवों में डोर-टू-डोर जाकर आमजनमानस को शासन द्वारा संचालित विभिन्न लाभकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की गयी।

उल्लेखनीय है कि अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में छात्राओं एवं अध्यापिकाआंे को प्रोत्साहित करते हुए नारी सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित विभिन्न योजनाओं, महिलाओं के अधिकार व उनके स्वास्थ्य सम्बन्धी विभिन्न कानूनी, सामाजिक प्रभावों एवं लाभों के बारे में जानकारी प्रदान की गयी। साथ ही उनके मूल अधिकारों, पुलिस द्वारा उत्पीड़न और किसी के साथ हुए उसके मौलिक अधिकार का हनन, बाल श्रम आदि के बारे में उनके अधिकारों से भी अवगत कराया गया। लोगों को गूगल प्ले स्टोर से नालसा ऐप डाउनलोड करने के बारे में भी जानकारी प्रदान करते हुए बताया गया कि वह ऐ पके माध्यम से घर बैठे-बैठे विधिक सहायता हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बहराइच को आनलाइन प्रार्थना-पत्र दे सकते है। कार्यक्रम के दौरान आमजनमानस को लीफलेटस का वितरण भी किया गया।