चंदा कोचर (अर्श से फर्श तक)

मीडिया आपकी तरक्की पर तुरंत आपको अर्श पर बिठाती है।आसमान की ऊँचाई छूने के बाद सदा यह बात ध्यान रखनी चाहिये कि आपकी एक ग़लती आपको सीधा फर्श पर पहुँचा सकती है।

आईसीआईसीआई बैंक की सी.ई.ओ रही चन्दा कोचर जी की कहानी भी कुछ वैसी ही है। विश्व की 20 सबसे शक्तिशाली महिलाओं में से एक रह चुकी चंदा कोचर का जन्म राजस्थान के जोधपुर में 17 नवंबर 1961 को हुआ था।उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से कॉमर्स में बैचलर,इंस्टिट्यूट ऑफ अकॉउंटेंस ऑफ इंडिया से कॉस्ट अकाउंटेंसी की और फिर मुंबई यूनिवर्सिटी से ही मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री ली।

2009 में वह आई सीआईसीआई बैंक की CEO बनीं।उनकी देख रेख में बैंक ने काफी तरक्क़ी की।लेकिन विडियोकॉन कम्पनी को लोन देने की भूल ने उन्हें जुर्म के कटघरे में खड़ा कर दिया।तरक्क़ी के ऊँचे पायदान पर पहुँच चुकी चंदा जी के लिए मुसीबत की घड़ी तब आयी जब पहली बार 2016 में उनपर उँगली उठायी गई।बैंक के एक शेयर होल्डर ने इस बात का खुलासा किया और विडियोकॉन के मालिक धूत एवं चन्दा कोचर के पति दीपक कोचर की मिली भगत बतायी,जिनका आपसी बिज़नेस रिलेशन था।लोन की सही भरपाई नहीं होने की वजह से बैंक को बहुत नुकसान पहुँचा।चंदा कोचर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया जबकि बैंक ने उन्हें बर्ख़ास्तगी का पत्र दिया है।

बहरहाल,जो कुछ भी हुआ है क्या चंदा कोचर वाकई इन सबके के लिए ज़िम्मेदार हैं या फिर उन्हें उनके पति के  मंतव्य के विषय में पता ही न था?एक स्त्री जो दिन रात मेहनत करके बैंक को कामयाबी की बुलंदियों तक ले जाती है ,क्या वह वाकई अपनी कर्मक्षेत्र में ऐसा कर सकती है?मैं बस इतना ही कहना चाहती हूँ कि जब तक यह मामला कोर्ट में है उल-ज़लूल टिप्पणी करके किसी महिला के सम्मान को ठेस न पहुंचाई जाये।ज़रूरी नहीं कि वह गुनहगार हों,गुनाह और भूल में बहुत अंतर होता है।

                

रीमा सिन्हा

लखनऊ-उत्तर प्रदेश