लखीमपुर हिंसाः एसआईटी को फरार सुमित जायसवाल की तलाश,कई जगह दबिश

लखनऊ। लखीमपुर हिंसा मामले में अब एसआईटी को फरार चल रहे सुमित जायसवाल की तलाश है। आरोप है कि सुमित जायसवाल थार गाड़ी से किसानों के कुचलने के बाद उतर कर भागा था।सुमित ही बता सकता है कि उस वक्त थार कौन चला रहा था?  थार की ड्राइविंग सीट पर बैठे शख्स की पहचान को लेकर अभी संशय है। घटना में थार सवार अन्य लोगों की मौत हो चुकी है। सुमित की तलाश में कई जिलों में दबिश दी जा रही। इससे पहले शुक्रवार को मामले में गिरफ्तार अंकित दास को लेकर एसआईटी लखनऊ में गोमतीनगर के होटल सागर सोना पहुंचा। पता चला है कि अंकित दास यहां वारदात के बाद 2 रात इसी होटल में रुका था. एसआईटी ने होटल की डीवीआर अपने कब्जे में ले ली है।वहीं एसआईटी ने आरोपी अंकित दास के घर से रिपीटर गन और पिस्टल भी बरामद कर ली है. एसआईटी अंकित दास के साथ उसके गनर लतीफ को भी लखनऊ लेकर पहुंची है। सूत्रों के अनुसार लखीमपुर-तिकोनिया में इन्ही असलहों से फायरिंग हुई थी. पूछताछ के दौरान अंकित दास और लतीफ ने फायरिंग की बात कबूल की थी।एसआईटी शुक्रवार की शाम को करीब 4 बजे अंकित दास और लतीफ उर्फ काले को थाना हुसैनगंज इलाके के क्ले स्क्वायर में बने एमआई अपार्टमेंट में लेकर आई. एमआई अपार्टमेंट में ही अंकित दास का फ्लैट है। बताया जाता है कि 3 अक्टूबर को वारदात के बाद अंकित अपने बॉडीगार्ड लतीफ उर्फ काले के साथ पिस्टल और रिपीटर गन से फायर करता हुआ भाग निकला था। कुछ देर लखीमपुर में रुकने के बाद वह अपने इसी फ्लैट में आया था और यहीं पर अपनी पिस्टल और रिपीटर गन छिपा दी थी। बताया जाता है 3 अक्टूबर 4 अक्टूबर की रात अंकित राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित होटल सागर सोना में रुका था। बताया जाता है कि इस होटल की डीवीआर एसआईटी ने अपने कब्जे में ले ली है। अंकित दास के वकील अब्दुल्ला ने बताया कि अंकित दास की लाइसेंसी पिस्टल और लतीफ की रिपीटर गन एसआईटी ने अपने कब्जे में ली। सीआरपीसी के 27 एविडेंस एक्ट के तहत पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान आरोपियों को वारदात में इस्तेमाल असलहे और अन्य चीजों की बरामदगी के लिए ले जाती है। आरोपियों की निशानदेही पर इन चीजों की बरामदगी की जाती है। आगे कोर्ट में चलने वाले ट्रायल के दौरान यह कार्यवाही काफी अहम होती है। 3 अक्टूबर को लखीमपुर में प्रदर्शनकारी 4 किसानों की थार जीप से कुचलकर मौत हो गई थी, जिसके बाद आक्रोशित किसानों ने 4 लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस वारदात में अंकित दास भी थार जीप के पीछे अपनी काली फॉर्च्यूनर में सवार था। एफआईआर में काली फॉर्च्यूनर का भी जिक्र है, लिहाजा पुलिस ने अंकित दास और फॉर्च्यूनर में मौजूद उसके बॉडीगार्ड लतीफ उर्फ काले को भी आरोपी बनाया गया है। अंकित दास और लतीफ फिलहाल एसआईटी की कस्टडी रिमांड पर हैं।