बंद पड़े शैक्षणिक संस्थान के मुद्दे पर जनविकास महासंघ ने की दिनेश शर्मा से मुलाकात

लखनऊ। लखनऊ में कल एक एनजीओ जनविकास महासंघ द्वारा बंद पड़े शैक्षणिक संस्थान का मुद्दा जनता के संज्ञान में लाया गया। राज्य में 42 एकड़ जमीन में फैले इस संस्थान का नियनत्रण विदेशियों के एक समूह द्वारा किया जा रहा है, मामले ने सरकार का ध्यान भी आकर्षित किया है। एनजीओ द्वारा दायर की गई याचिका पर तुरंत कार्रवाई करते हुए उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने याचिकाकर्ताओं से मुलाकात की और स्थिति पर आश्चर्य व्यक्त किया। जनविकास महासंघ के अध्यक्ष श्री पंकज तिवारी ने बताया कि उन्होंने उपमुख्यमंत्री जी को दस्तावेज दिखाए हैं जो इस बात की पुश्टि करते हैं कि सोसाइटी पिछले 4 सालों से बंद पड़ी है, जबकि राज्य को शैक्षणिक बुनियादी ढांचे की सख्त जरूरत है। उन्होनें ऐसे दस्तावेज भी दिखाएं जो बताते हैं कि सोसाइटी के बोर्ड में पांच विदेशी लोग मौजूद हैं। जेआरआरईएस संस्थान लगातार बंद पड़ा है, यह यूपी के लाखों युवाओं के भविष्य के साथ समझौता है। उन्होंने कहा यह भी हैरानी की बात है कि कैसे विदेशियों का एक समूह शैक्षणिक संस्थान का नियन्त्रण और संचालन कर सकता है, जबकि भारतीय कानूनों के मुताबिक शिक्षा क्षेत्र में विदेशियों की कोई हिस्सेदारी नहीं हो सकती है। उन्होंने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा। मंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया और बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार, जिसके तहत नोएडा ऑथोरिटी आती है, के ओद्यौगिक विकास मंत्रालय के निर्देश के माध्यम से सोसाइटी का लाइसेंस रद्द किया जाएगा। उन्होंने ओद्यौगिक विकास मंत्री सतीष महाना के समक्ष एक याचिका प्रस्तुत करने की सलाह दी। उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने यह भी कहा कि इस याचिका को टेक्निकल एजुकेशन मिनिस्टर संदीप सिंह को भी भेजा जाए, जो मामले पर पूरा संज्ञान लेंगे। जेवीएम के प्रेजीडेन्ट पंकज तिवारी ने बताया कि उपमुख्यमंत्री की सलाह के अनुसार एनजीओ सोमवार को कथित मंत्रियों को याचिका भेज देगा और जेआरआरईएस संस्थान का लाइसेंस तुरंत रद्दे करने की मांग करेगा ताकि इस जमीन को खाली कराया जा सके। जहां कम से कम 10 अन्य संस्थान षुरू किए जा सकते हैं, जो यूपी के बेरोजगार युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होंगे।