----- तीखा तीर ----

हवन  आहुती  शुरु  है 

धूँवा  का  फैला  गुब्बार 

मन मुराद  पुरी करो  प्रभु 

जीतें  तीन  सौ  के पार 

समझौता  वादा  कर  लिए 

सत्ता  का  चढ़ा खुमार 

-----  वीरेन्द्र  तोमर