रिश्तों में दरार

कामनाओं की तृप्ति के मिस दरार और तकरार,

सात फेरे और सात वचन हैं लेते,

पर मृगतृष्णा और आधुनिकता के इस दौर में,

बमुश्किल निभा पाते हैं सात भी साल।

चिर अतृप्ति में क्यों जूझ रहे सब प्रतिपल?

अधिक कामना करती जीवन निष्फल।

प्रेम सिर्फ धवल चाँदनी नहीं,विषाद में हाथ थामे रहना है,

प्रीत भूखा भाव का,धन से न कोई लेना देना है।

पति पत्नी का रिश्ता जैसे पलक आलय है दृग का,

नोंक झोंक चाहे हो कितनी उर भाव सदा रहे सच्चा।

बिखर जाते हैं रिश्ते रजत डोरे से भी बँधे हुए,

संवरते हैं वही जो स्नेह के मखमली स्पर्श से रहते जुड़े हुए।

बहारों को ज्यों होता इंतज़ार मधुमास का,

विकल कली और मधुप सम रिश्ता हो एहसास का।

आरोप प्रत्यारोप से परे,बितायें सुकून के पल खास,

भस्म होगी क्रोध समिधा,सही मायने में तब दोनों होंगे पास।

                                 रीमा सिन्हा

                            लखनऊ-उत्तर प्रदेश

Popular posts
धार्मिक स्थल पर अराजक तत्वों ने की तोड़फोड़, इलाकाई लोगों ने काटा हंगामा, मौके पर पहुंचीं डीएम ने कही ये बात
Image
अपठित सा दर्द
Image
'मर्द का दर्द'
Image
गोवाः कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री रवि नाइक का इस्तीफा, सदन में पार्टी सदस्यों की संख्या घटकर 3 हुई, भाजपा में जाने की अटकलें
Image
मुंबई टेस्ट को जीतते ही टीम इंडिया को मिली गुड न्यूज, इस साल सबसे ज्यादा टेस्ट मैच जीतने वाली टीम बनी
Image