लखीमपुर खीरी जाने के लिए निकले अखिलेश यादव को पुलिस ने लिया हिरासत में, अपने घर के बहार बैठे धरने पर

लखनऊ : उत्तर प्रदेश पुलिस ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को लखनऊ में नजरबंद कर दिया गया था, हालांकि अखिलेश अब घर से निकल चुके हैं और पुलिस के लोग उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे हैं। अखिलेश यादव के आवास पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अखिलेश यादव अपने घर से निकलने के बाद बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उनके साथ सपा नेता राम गोपाल यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद हैं। अखिलेश यादव को हिरासत में ले लिया गया है। वहीं, सपाइयों ने प्रदेश जिलों में प्रदर्शन का एलान किया है।

सपा अध्यक्ष के आवास और पार्टी कार्यालय के पास दोनों तरफ से ट्रक लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया है। कालिदास मार्ग स्थित चौराहे पर पार्टी के तमाम नेता जुट गए हैं। वह पार्टी कार्यालय जाने की जिद कर रहे थे इस पर रैपिड एक्शन फोर्स भी मंगा ली गई। दोनों तरफ से बैरिकेडिंग भी की गई है। ऐसे में पार्टी के नेता धरने पर बैठ गए हैं। कुछ कार्यकर्ता कालिदास मार्ग चौराहे के पास धरना दे रहे हैं तो कुछ बंदरिया बाग चौराहे पर रोके गए हैं। दोनों ही जगह धरना और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।

आपको बता दें कि अखिलेश यादव ने रविवार को घटना के बाद एलान किया था कि वह सोमवार को लखीमपुर खीरी जाएंगे। अखिलेश यादव ने सभी वरिष्ठ नेताओं को सुबह पार्टी कार्यालय बुलाया था। लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने अखिलेश यादव को हाउस अरेस्ट कर लिया था।

लखीमपुर खीरी हिंसा में आठ किसानों की मौत के बाद बने हालात को देखते हुए जिले में धारा 144 लगा दी गई है। वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर रंधावा के हेलीकॉप्टर को लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरने की अनुमति भी नहीं दी गई है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा पर चर्चा के लिए रविवार को मुजफ्फरनगर के सिसौली गांव में तत्काल एक पंचायत बुलाई और सोमवार को देश भर के हर जिले में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया।

भाकियू के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि यह फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत की अध्यक्षता में सिसौली गांव में हुई पंचायत में लिया गया। मलिक ने कहा यह तय किया गया है कि किसानों के समूह हर जिले में जिला प्रशासन के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करेंगे।

कृषि कानूनों और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी की टिप्पणी का विरोध कर रहे किसानों और मंत्री के बेटे के बीच रविवार को हिंसक टकराव में आठ लोगों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश में बवाल मचा हुआ है। सियासी उबाल के बीच कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी लखीमपुर पहुंच गई हैं लेकिन उन्हे पीड़ितों ने नहीं मिलने दिया गया गया है। किसान नेता राकेश टिकैत भी खीरी पहुंच गए हैं।