गरीबों का भाग्य

भूखे पेट की खातिर

वक्त कुछ क्षण ठहर जा रे

दर्द पेट में उसके होता है

आंसू भर वह रोता है

इस दर्द का इलाज क्या है

क्या गोलियां चूर्ण इंजेक्शन

इस दर्द की दवा तो एक है

जो सिर्फ रोटी भर पेट है

क्या रोते हुए ये लोग

भारत की ईंटें नहीं हैं

जो बने हैं सिर्फ हास्य

किसी को इनकी परवाह नहीं

रोटी चिल्लाते -चिल्लाते

कहीं मौत न लिखदे

विशाल विकसित भारत

पिछड़ न जाये कहीं

भूखे पेट की खातिर

वक्त कुछ क्षण ठहर जारे

पूनम पाठक बदायूँ