जानें अगले 24 घंटे के देशभर के मौसम का हाल, इन राज्यों में अलविदा कहेगा मानसून

नई दिल्ली। बिहार के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह उत्तर पूर्व दिशा में आगे बढ़ेगा और धीरे-धीरे कमजोर हो जाएगा। एक और चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर है। मौसम की जानकारी देने वाली वेबसाइट स्काईमेट के अनुसार यह समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। गुजरात और राजस्थान को जल्द मानसून अलविदा कहेगा। फिलहाल दोनों राज्यों के कुछ हिस्सों में बारिश जारी है। गौरतलब है कि मानसून की वापसी में देरी हो गई है।

चक्रवात शाहीन ओमान की खाड़ी और इससे सटे पूर्वोत्तर अरब सागर के ऊपर बना हुआ है। इसके धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है और यह 4 अक्टूबर की तड़के ओमान तट को चक्रवाती तूफान बनकर पार कर सकता है। स्काईमेट के अनुसार एक ट्रफ रेखा चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र से बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम में दक्षिण मध्य महाराष्ट्र होते हुए तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक तक फैली हुई है।

अगले 24 घंटों के दौरान, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड के कुछ हिस्सों, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल,और तमिलनाडु में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों के अलावा विदर्भ, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा और लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बारिश संभव है। दक्षिण-पूर्वी राजस्थान, दक्षिण गुजरात और तेलंगाना, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश संभव है।

राजस्थान और गुजरात को मानसून जल्द अलविदा कहेगा। अगस्त का महीना राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों और गुजरात के अधिकांश हिस्सों में लगभग शुष्क रहा। लेकिन सितंबर के महीने में अधिक बारिश दोनों राज्यों के लिए वरदान साबित होती है। मानसून की वापसी में पहले ही देरी हो चुकी है। राजस्थान के पश्चिमी हिस्से से वापसी शुरू होने की सामान्य तारीख 17 सितंबर है। राजस्थान के कुछ हिस्सों और गुजरात के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी हैं। अगले 24 से 48 घंटों के दौरान राजस्थान के दक्षिण-पूर्व और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में छिटपुट बारिश हो सकती है। इसके बाद, राजस्थान के ऊपर एक एंटीसाइक्लोन बनने के कारण मानसून की वापस शुरू हो जाएगी। संभवत: 6 अक्टूबर तक राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू हो जाएगी। साथ ही गुजरात में भी बारिश की गतिविधियां थम जाएंगी।

महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखी जा रही हैं। मध्य भारत में मानसून की वापसी में देरी से खरीफ फसल की कटाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। 9 अक्टूबर तक महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है। मानसून 10 अक्टूबर से उत्तरी कोंकण और गोवा, उत्तरी मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ से वापस जाना शुरू कर देगा और बाद में 2 से 3 दिनों में पूरे महाराष्ट्र से मनसून वापस चला जाएगा। मध्य प्रदेश में छिटपुट वर्षा 5 अक्टूबर तक जारी रह सकती है। 7 अक्टूबर से मध्य प्रदेश के पश्चिमी और उत्तरी भागों में बारिश में उल्लेखनीय कमी आएगी और 9 अक्टूबर तक पूरे मध्य प्रदेश से भी मानसून के वापस जाने की उम्मीद है।