टीका असमानता, जलवायु परिवर्तन व आर्थिक सुधार को लेकर ऑक्सफैम का जी20 से कार्रवाई का आह्वान


नई दिल्ली : ऑक्सफैम ने ‘जी20’ देशों के नेताओं से दुनिया भर में कोविड-19 के टीकों के निर्माण और पहुंच को तेजी से बढ़ाने, अर्थव्यवस्था को निष्पक्ष तरीके से पटरी पर लाने को बढ़ावा देने, भूख से लड़ने के उपाय करने और गरीब देशों को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में सक्षम बनाने में मदद के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आह्वान किया है। इस साल जी20 शिखर सम्मेलन 30-31 अक्टूबर को रोम, इटली में होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने का कार्यक्रम है। जी20 विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। ऑक्सफैम ने एक बयान में कहा कि जी20 शिखर सम्मेलन में नेताओं को वैक्सीन असमानता और कोविड-19 महामारी के प्रणालीगत कुप्रबंधन से निपटना चाहिए। बयान में कहा गया है, अमीर देशों ने कहा था कि कोई भी मंजूरी प्राप्त टीका वैश्विक जनता के लिए अच्छा होगा और उन्होंने विकासशील देशों को 1.8 अरब खुराक देने का वादा किया था। एक साल बाद, उन्होंने केवल 14 प्रतिशत खुराक उपलब्ध कराई है। जबकि उनकी स्वयं की टीकाकरण दर 63 प्रतिशत है। दुनिया के गरीब हिस्सों में रहने वाले सिर्फ 1.8 प्रतिशत लोगों का ही पूरी तरह से टीकाकरण हो पाया है। बयान में कहा गया है कि जी20 नेताओं को दुनिया भर में कोविड के टीकों के निर्माण और पहुंच को तेजी से बढ़ाने, अर्थव्यवस्था को निष्पक्ष तरीके से पटरी पर लाने को बढ़ावा देने, भूख से लड़ने के उपाय करने और गरीब देशों को जलवायु परिवर्तन का सामना करने में सक्षम बनाने में मदद करने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिये।