मिशन फतह 2022ः योगी हुकूमत अखिलेश के ही ढर्रे पर

अखिलेश के लैपटॉप के बदले टैबलेट और स्मार्टफोन

लखनऊ। मिशन फतह 2022 को लेकर योगी सरकार ही अब अखिलेश यादव की सरकार के नक्शे कदम पर चल पड़ी है। वर्ष 2012 में विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट पास स्टूडेंट को लैपटॉप देने की घोषणा की थी। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का भी वादा किया था। चुनाव में जनता ने वादों को स्वीकार कर सपा की सरकार बनवाई थी। वैसे ही अब योगी सरकार ने भी चुनाव से पहले युवाओं को स्मार्टफोन और टैबेलेट देने का दांव चला है। यूपी सरकार 1 करोड़ छात्रों को टैब, फोन देगी यूपी सरकार ने राज्य के एक करोड़ छात्रों को टैबलेट या स्मार्टफोन देने की घोषणा की है। ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, बी.टेक, पॉलिटेक्निक, पैरामेडिकल, नर्सिंग और स्किल डेवलपमेंट करने वाले छात्रों को टैबलेट या स्मार्टफोन मुफ्त देगे। योजना पर 3000 करोड़ रुपये योगी सरकार खर्च करेगी। कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। पिछली बार अखिलेश यादव की सरकार ने हाई स्कूल और इंटरमीडिएट पासआउट छात्रों को लैपटॉप दिया था। यूपी विधानसभा चुनाव 2022 नजदीक आ रहा है। सरकार 18 से 25 साल के युवा मतदाताओं को लुभाने के लिए यह तोहफा दे रही है। अखिलेश यादव का आरोप है कि सरकार पिछले साढ़े चार वर्षों से पिछली सरकार की योजनाओं का ही फीता काट रही है और उसका उद्घाटन कर रही है।अखिलेश यादव ने आदित्यनाथ सरकार पर सपा सरकार के दौरान पूरी की गई परियोजनाओं का श्रेय लेने का भी आरोप लगाया, जिसे इस साल की शुरुआत में भाजपा के एक झटके में सत्ता से हटा दिया गया था। भाजपा ने भारत को डिजिटल बनाने का नारा दिया लेकिन वास्तव में गाय और गोबर में था। अखिलेश यादव ने गायों की रक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर भी निशाना साधा था।अखिलेश ने कहा था कि शपथ लेने के बाद से लगातार हमारी योजना का नाम बदलने वाले योगी आदित्यनाथ अब भी नहीं रुक रही है। सरकार ने अब तक कोई नया काम नहीं किया है। हर योजना का नाम बदलने वाली सरकार कब काम करेगी, यह कोई नहीं बता सकता। सरकार ने 2021-22 के विधानसभा सत्र के दौरान 7301.52 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया था जिसमें तीन हजार करोड़ रुपए में युवाओं को स्मार्टफोन या टैबलेट देने पर खर्च करेगी। यह कदम युवा मतदाताओं को लुभाने के लिए है। अखिलेश की लैपटॉप योजना युवाओं को पसंद आई थी। भाजपा सरकार छात्रों का समर्थन खोना नहीं चाहती है। इसीलिए अनुपूरक बजट युवाओं, कर्मचारियों और किसानों पर केंद्रित था। सपाई आरोप लगाते हैं इकाना स्टेडियम और मेट्रो की शुरुआत, दोनों अखिलेश के समय में हुआ। इन्होंने स्टेडियम का नाम बदलकर अपना बता दिया। समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का शिलान्यास सपा सरकार ने किया था लेकिन सरकार ने अपना बता दिया। आगरा- लखनऊ एक्सपेस वे को रिकॉर्ड समय में सपा सरकार ने पूरा किया था लेकिन सरकार कह रही है कि हमने किया।