17 विभाग मिलकर रोकेंगे वायु प्रदूषण

ग्रेटर नोएडा। जिला प्रशासन ने वायु प्रदूषण की रोकथाम की कार्ययोजना बना ली है। जिलाधिकारी ने 17 विभागों को इसकी जिम्मेदारी दी है। कोई पानी का छिड़काव कराएगा तो कोई लोगों को जागरूक करेगा। वहीं, पुलिस पुराने वाहनों के प्रयोग को रोकेगी। साथ ही, जिले में वायु प्रदूषण के आठ हॉट स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। यहां पर रोकथाम के विशेष इंतजाम होंगे। सर्दी शुरू होने के साथ ही दिल्ली-एनसीआर की हवा जहरीली होनी शुरू हो जाती है। प्रदूषण के कारण सांस लेना मुश्किल हो जाता है। हर साल प्रदूषण कम करने के इंतजाम किए जाते हैं। बुधवार रात जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को कार्ययोजना भेज दी है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के अफसरों ने बताया कि करीब 17 विभाग को वायु प्रदूषण रोकने की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण, पुलिस, परिवहन विभाग, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग, खाद्य एवं पूर्ति विभाग, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम, यूपीपीसीबी, खनन विभाग, दमकल विभाग, जिला सूचना कार्यालय और पीडब्ल्यूडी शामिल है। प्राधिकरण समय-समय पर अपने क्षेत्र में पानी का छिड़काव कराएंगे। साथ ही, मशीनों से सड़कों की सफाई, धूल भरी सड़कों को ठीक कराने, निर्माण कार्यों में नियमों का पालन कराने, कूड़ा जलाने से रोकने, कूड़ा निस्तारण का इंतजाम करना होगा। एक क्विक रिस्पांस टीम भी गठित करनी होगी जो नियमों का पालन कराएगी। स्मॉग गन लगवाकर धूल रोकनी होगी।