रवि शास्त्री ने सवाल उठाने वालों का किया मुंह बंद


शास्त्री, फील्डिंग  कोच आर श्रीधर, गेंदबाजी कोच भरत अरुण और फिजियो नितिन पटेल को ओवल टेस्ट के दौरान संक्रमित पाया गया और जब मैनचेस्टर में पांचवें टेस्ट से पहले जूनियर फिजियो योगेश परमार का परीक्षण पॉजिटिव आया तो मैच विवादास्पद रूप से रद्द कर दिया गया। भारत तब श्रृंखला में 2-1 से आगे चल रहा था।
    
रिपोर्टों के अनुसार पुस्तक विमोचन समारोह में भाग लेने वाले लोगों ने मास्क नहीं पहना था। शास्त्री ने 'द गार्डियन से इंटरव्यू में कहा, 'मुझे कतई खेद नहीं है क्योंकि मैं उस समारोह में जिन लोगों से मिला वे शानदार थे। लड़कों के लिए  भी लगातार अपने कमरों तक सीमित रहने के बजाय बाहर निकलकर अलग अलग लोगों से मिलना अच्छा था। ओवल टेस्ट में आप उन सीढ़ियों पर चढ़ रहे थे जिनका उपयोग 5000 लोग कर रहे थे। फिर पुस्तक विमोचन पर उंगली क्यों उठाई जा रही है।' शास्त्री ने आगे कहा, 'लेकिन मैं चिंतित नहीं था। पार्टी में लगभग 250 लोग थे और कोई भी उस पार्टी के कारण संक्रमित नहीं हुआ।'
    
क्वारंटाइन में बिताए गए समय के बारे में शास्त्री ने कहा, 'यह शानदार रहा क्योंकि 10 दिनों में गले में खराश के अलावा मुझमें किसी तरह के लक्षण नहीं थे। मुझे कभी बुखार नहीं आया और मेरा ऑक्सीजन का स्तर का हर समय 99 प्रतिशत रहा। मैंने इन 10 दिनों में एक भी दवा नहीं ली। एक पैरासिटामोल (बुखार की दवा) तक नहीं ली। मैंने लड़कों से कहा कि एक बार परीक्षण पॉजिटिव आने पर यह 10 दिन का फ्लू है और कुछ नहीं। पांचवां टेस्ट रद्द होने से पुस्तक विमोचन पर लोगों का अधिक ध्यान गया।'