घाघरा नदी के रूद्र रूप को देख मधुबन क्षेत्र के लोग पलायन के लिए हो रहे हैं मजबूर

मऊ जनपद के मधुबन तहसील क्षेत्र के उत्तरी छोर पर बह रही घाघरा नदी की  विकराल रूप अब थमने का नाम नहीं ले रही है। जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से तटवर्ती इलाकों के छह  गांवों में हजारों लोगों में खलबली मच गयी है। जलस्तर बढ़ने की रफ्तार से बाढ़ पीड़ितों की भय इस कदर बढ़ गई है कि लोगों को बचाव का रास्ता नहीं समझ में नहीं आ रहा है। वहीं दुबारी ग्राम पंचायत के क्षेत्रों में बाढ़ के पानी से घिरे गांव व पुरवों में शामिल हरिलाल का पुरा, भगत का पुरवा, विसुन का पुरा, नंदजी का पुरा, धूस, बिन्दर के पुरवा में मंगलवार को पूर्व प्रधान रंजना सिंह नाव से लोगों से जानकारी ली  वहीं बाढ़ की भयावह स्थिति को लेकर प्रधान ने लोगों को धैर्य के साथ अपने बच्चों के प्रति लापरवाही न बरतने की सलाह दिया। खतरे के बिन्दु से उपर बह रही घाघरा नदी के जलस्तर की रफ्तार के साथ नंदजी का पुरा व विसुन के पुरा के समीप हो रही कटान से  बाढ़ पीड़ितों की पीड़ा सुन पूर्व प्रधान भावुक हो गई। यहां कटान से बचने के लिए विजय चौहान व रामकेवल के परिवार के लोग दूसरे  जगह जाने की तैयारी में जुट गए हैं। जबकि शिवराज व बब्लू चौहान की मकान कटान की जद में आने से नदी में समा गयी है। बाढ़ पीड़ितों द्वारा केरोसिन तेल की कमी को लेकर पूर्व प्रधान श्रीमती सिंह से अपनी परेशानी बयां किया। पूर्व प्रधान रंजना सिंह ने जिला व तहसील प्रशासन से बात कर केरोसिन तेल की कमी को पूरा कराने का भरोसा दिया। वहीं घाघरा की उफनती लहरों के बीच नाव से पहुंची पूर्व प्रधान को अपने बीच देख बाढ़ पीड़ितों में खुशी के साथ गम का आंसू छलक पड़ा।