कौशल विकास योजना में लापरवाही पर डीएम. ने दी चेतावनी

कानपुर देहात : जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में कौशल विकास को लेकर समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इसमें कौशल विकास से सम्बन्धित आईटीआई कालेज के प्रिंसिपल और जिला समन्वयकों ने अपनी भागेदारी की। जिलाधिकारी ने कहा कि हमारे जनपद में 20 से 24 वर्ष के युवाओं के बीच की बेरोजगारी दर तेजी के साथ बढ़ी है, इस बेरोजगारी को खत्म करने में कौशल विकास योजना एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। इस महत्वपूर्ण मीटिंग में ट्रेनिग पार्टनर के हेड के अनुपस्थित रहने पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई।  उन्होंने आईटीआई कॉलेज के प्रिंसिपल को निर्देशित करते हुए कहा कि मीटिंग में इस कार्यक्रम से जुड़े जिम्मेदार व्यक्तियों को ही उपस्थित रहने को कहें, सरकार का यह अत्यन्त महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसके द्वारा युवाओं को प्रशिक्षित करके बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। जैसा कि विदित है कि इस योजना के तहत देश में 2020 तक एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना बनायी गयी थी, इस योजना में तीन माह, छः माह, एक साल के लिए रजिस्ट्रेशन होता है। कोर्स पूरा होने के बाद सार्टिफिकेट दिया जाता है।यह सार्टिफिकेट पूरे देश में मान्य होता है। 2022 तक इस योजना के अन्तर्गत 40.2 करोड़ युवाओं को शामिल करने की बात कही गयी है।लेकिन जनपद कानपुर देहात में जिलाधिकारी ने समीक्षा करते हुए पाया कि इसमें कोई विशेष काम नही हो रहा है। ट्रेनिंग पार्टनर अपनी भूमिकाओं का समुचित एवं निष्ठा के साथ निर्वाह नही कर रहे है। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि इस योजना के तहत जो भी लक्ष्य दिये गये है, इसको जल्द से जल्द पूरा करें। लापरवाही करने वाले दोषियों पर सख्त कार्यवाही की जायेगी। 

साथ ही साथ जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण ले रहे युवाओं का शत प्रतिशत वैक्सीनेशन किया जाये। वास्तव में सरकार की इस योजना के तहत युवाओं को न केवल कौशल युक्त बनाया जायेगा अपितु बेरोजगारी से भी उनको निजात दिलायी जायेगी।इसलिए इससे सम्बन्धित अधिकारी एवं कर्मचारी इसमें किसी प्रकार की कोई लापरवाही न करें। मुख्य विकास अधिकारी सौम्या पाण्डेय ने बोलते हुए कहा कि तीन वर्षो के दौरान आप सब ने इसके तहत कुछ भी कार्य नही किया है, आपकी प्रगति रिपोर्ट बहुत खराब है, अगर यही स्थिति रही तो ट्रेनिंग पार्टनर के पद को खत्म कर दिया जायेगा, इसलिए इस योजना को गंभीरता से ले और दिये गये लक्ष्य को समय से पूरा करें।  इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी सौम्या पाण्डेय, जिला सूचना अधिकारी नरेन्द्र मोहन आदि अधिकारीगण व कर्मचारी उपस्थित रहै।