प्रदेश और देश के सदनों में नौजवानों को कब्जा करना पड़ेगा - शशांक शेखर

आजमगढ़। राष्ट्रवादी युवा अधिकार मंच ने संगठनात्मक ढांचे को चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद तेज कर दिया है। जिसके क्रम में आजमगढ़ जनपद मे गुरुवार को लालगंज विधानसभा क्षेत्र देवगांव, फैजनगर मैं डॉक्टर फिरोज अहमद, मेहनगर विधानसभा के बिंद्रा बाजार मे सचिन सिंह, मुहम्मदपुर मे आलोक सिंह, दीदारगंज विधानसभा में बरदह, पुष्पनगर मे नीतीश सिंह, सिकरौर मे मान सिंह गौरव, फूलपुर विधानसभा के अंतर्गत फूलपुर मोहम्मद राशिद, अंबारी विनोद यादव, निजामाबाद विधानसभा के अंतर्गत सरायमीर मे बृजेश गुप्ता, सेंटरवा मैं प्रमोद यादव, निजामाबाद व तहबरपुर में विजय प्रताप यादव व अन्य पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष शशांक शेखर सिंह पुष्कर का जनसंपर्क के दौरान जोरदार स्वागत किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने नौजवानों के जोश व ऊर्जा से उत्साहित होकर नौजवानों की भूमिका और भागीदारी को सुनिश्चित करने का संकल्प लेते हुए कहा कि जाति के नाम पर वोट बैंक की राजनीति करने वाले राजनीतिक दलों के तिलिस्म को तोड़ा जाएगा। देश और प्रदेश की राजनीति में नौजवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, फिर भी राजनीतिक दल नौजवानों को सिर्फ वोट बैंक और प्रचार तंत्र के रूप में सीमित रखना चाहते हैं लेकिन नौजवान अपनी भागीदारी एवं भूमिका को लेकर सजग है। जिसका परिणाम पंचायत के चुनाव में देखा जा चुका है और आगामी विधानसभा चुनाव में बगैर राष्ट्रवादी युवा अधिकार मंच के सहयोग के उत्तर प्रदेश में कोई भी सरकार नहीं बनेगी। उन्होंने कहा कि कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के तहत संगठन के एजेंडे को शामिल करने व नौजवानों की भूमिका व भागीदारी सुनिश्चित करते हुए रोजगार जैसी प्रमुख मुद्दों को हल करने के लिए जो भी राजनीतिक दल आगे आएगा संगठन कदम से कदम मिलाकर उनका सहयोग करने का कार्य करेगी। आज प्रदेश में सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है लेकिन सत्ता पक्ष व विपक्ष के पास बेरोजगारी को समाप्त करने की कोई कार्ययोजना नहीं है। लिहाजा बगैर राष्ट्रवादी युवा अधिकार मंच के एजेंडे को शामिल किए किसी भी कीमत पर बेरोजगारी समाप्त नहीं की जा सकती और दिन प्रतिदिन महंगी शिक्षा व सरकार की गलत नीतियों के कारण बेरोजगारी दिन प्रतिदिन चरम पर होगी। अंततः स्थिति ऐसी हो जाएगी पूरे देश में जयप्रकाश से भी बड़े आंदोलन का रुख अपनाते हुए प्रदेश और देश के सदनों में नौजवानों को कब्जा करना पड़ेगा। वक्त रहते यदि राजनीतिक दलों ने नौजवानों के प्रति चेतना नहीं दिखाई तो ऐसे दलों का राष्ट्रवादी युवा अधिकार मंच हमेशा विरोध दर्ज कराएगी।