भीगा हुआ चना शरीर को बनाता है ताकतवर

चने को सेहत के लिए बेहद ही फायदेमंद माना जाता है। इसे प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। रोजाना इसके सेवन से शरीर में कभी भी प्रोटीन की कमी नहीं होगी। प्रोटीन के अलावा चना कार्बोहाइड्रेट, फैट, फाइबर और कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है। यह शरीर को स्वस्थ और ताकतवर तो बनाता ही है, साथ ही कई तरह की बीमारियों को भी दूर करने में मदद करता है। यह दिमाग को तेज करने में भी मदद करता है और त्वचा और बालों के लिए भी इसे फायदेमंद माना जाता है। यूं तो चना खाने के कई तरीके हैं, कुछ लोग इसे भूनकर खाना पसंद करते हैं तो कुछ उबालकर, तलकर या सब्जी के रूप में, लेकिन भीगे हुए या अंकुरित चने को ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर भीगे हुए चने के साथ गुड़ का भी सेवन किया जाए तो जबरदस्त फायदे मिल सकते हैं। 

विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर किसी के शरीर में आयरन या हीमोग्लोबिन की कमी हो, तो उसे चने का सेवन जरूर करना चाहिए, क्योंकि यह आयरन से भरपूर होता है। गुड़ में भी आयरन प्रचुर मात्रा में होता है, जिससे एनीमिया की समस्या को दूर करने में मदद मिलती है। 

इम्यूनिटी बढ़ाने में मिलती है मदद 

भीगे हुए चने के सेवन से इम्यूनिटी बढ़ाने और कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी मदद मिलती है। गुड़ के भी यही फायदे हैं। गुड़ भी प्रतिरक्षा तंत्र को बढ़ावा देता है और तरह-तरह की बीमारियों को रोकने में मदद करता है। इसलिए कई लोग चना और गुड़, दोनों का एक साथ सेवन करते हैं, ताकि फायदे भी दोगुने हो जाएं। 

पेट के लिए भी फायदेमंद होता है भीगा चना 

भीगे हुए चने को पेट के लिए भी फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इसमें फाइबर अच्छी खासी मात्रा में होता है। नियमित रूप से इसके सेवन से पाचन से जुड़ी समस्याओं, जैसे कब्ज आदि को दूर करने में मदद मिलती है और पाचन तंत्र ठीक रहता है। गुड़ खाने से भी पाचन में सुधार होता है। ऐसे में दोनों का एक साथ सेवन दोगुने फायदे दे सकता है। 

भीगा चना और गुड़ खाने का सही समय और तरीका 

सुबह खाली पेट भीगे हुए चने का सेवन सेहत के लिए अधिक फायदेमंद होता है। सबसे पहले तो मुट्ठी भर चने को एक गिलास पानी में डालकर रातभर भीगने के लिए रख दें। सुबह उठकर चने को पानी से निकाल लें और उसके साथ गुड़ मिलाकर खाएं। ध्यान रहे कि भीगा हुआ चना और गुड़, दोनों ही चीजों को अच्छी तरह चबाकर खाना है, जिससे पाचन में दिक्कत न हो।