॥ मेरी ख्वाईस ॥


जिन्दगी खुदा की इनायत से एक अनमोल नेमत है

इसे खुशहाल रखना हमारी जीवन की  कीमत है

जो जीवन को मयकशी में डुबोया वो रोकर जी लेता है

जो हँसी खुशी से जीया है वो जग में खुश किस्मत है


मेरे हबीब मेरी बाँहों में बसा कश्मीर की इक जन्नत है

तेरी कसम से कहता हूँ तुँ ही मेरी मुहब्बत      है

कोई हम दोनों के बीच आने की कोशिश भी कर ले

उसे हर हाल में दिल से निकाल फेंकेगें ना कोई मुरब्बत है


मेरे रकीब तुम मुझपर रहम बस इतना कर देना

मेरे जीवन के हर जन्म में जीवन साथी तुँ ही बनना

तेरे अलावा कोई नहीं मेरा हमसफर जीवन में होगा

मेरे दिल की दुनियॉ में तुम ही तुम बसर   करना


कोई पूछे जग में तेरा अरमान  क्या क्या होगी

मैं तेरा  नाम लेकर कह दूँ कि दिल में तूँ ही तूँ होगी

कोई मूरत मेरे दिल में दूसरा ना बन बस पायेगा

मेरे रहबर मेरे सफर में हमसफर तुँ ही तूँ होगी


कोई समझे या ना समझे मैं तुमको खूब समझता हूँ

कोई कुछ कह ले कुछ सुन ले तुम पर ही दिन रात मरता हूँ

तुँ मेरी तसब्बुर में सदियों से रची बसी अब तक हो

तेरे बगैर यह जिन्दगी इसे मैं नाचीज समझता हूँ


तेरी रहमत से पीता हूँ तेरी सोहबत से जीता हूँ

खुशी से नहीं तेरी याद को भुलाने को पीता हूँ

तुँ मुझको ले चल या ना ले जाओ मुझको दिखता है मयखाना

तेरे गम में अपनी लव से मैं खुल कर जीता हूँ गा कर तराना


उदय किशोर साह

मो० पो० जयपुर जिला बाँका बिहार

9546115088