जनपद बहराइच में संतोषजनक ढंग से संचालित हो रहे राहत कार्य : मुख्यमंत्री

बहराइच । प्रदेश के मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जनपद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सर्वेक्षण के उपरान्त तहसील महसी अन्तर्गत राजी चौराहा पर बाढ़ प्रभावित लोगों से भेंट/राहत सामग्री का वितरण कार्यक्रम के दौरान ग्राम टिकुरी के कटान प्रभावित राम नरेश, तेजराम, सुरेश, श्रीमती अनीता, श्रीमती संवारा व ग्राम पिपरी के महेश प्रत्येक को 95 हजार 100 रू. का चेक व एक अदद् राशन किट तथा ग्राम पंचदेवरी की बाढ़ प्रभावित श्रीमती सुमिरता, श्रीमती राजवंती, यज्ञलाल, व संतलाल को एक अदद् राशन किट का वितरण किया। इसके अलावा ग्राम पंचदेवरी के बाढ प्रभावित विनीत को एक अदद् राशन किट व मुख्यमंत्री आवास की चाभी तथा श्री चक्कर, राम मिलन व जवाहर लाल को एक अदद् राशन किट व स्वीकृति पत्र का वितरण किया। इस अवसर पर ग्राम पंचदेवरी के बाढ़ प्रभावित 250 परिवारों को खाद्यान्न वितरण किया गया।

इसके पश्चात मीडिया से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद बहराइच के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के लिए ही मैं आज यहॉ आया हूॅ प्रदेश के अन्दर वर्तमान में लगभग 15 जनपद ऐसे हैं जिनमें बाढ़ का प्रभाव पड़ा है। कुछ जनपदों में ज़्यादा और कुछ जनपद आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बहराइच जनपद यहॉ पर सरयू, घाघरा और शारदा नदियों के संगम पर बसा हुआ है। इसके अलावा नेपाल की पहाड़ियों की तलहटी से पानी आने के कारण यहॉ के काफी गॉव प्रभावित होते हैं। वर्तमान में 04 राजस्व गॉव की लगभग 2500 आबादी प्रभावित है। उन सभी लोगों को राहत सामग्री वितरित करने के लिए निर्देश दिये जा चुके है। जनपद में तेज़ी के साथ राहत कार्य जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा संतोषजनक ढंग से संचालित किये जा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एन.डी.आर.एफ., एस.डी.आर.एफ. और पी.ए.सी. की टीमों को तैनात करने के साथ ही बाढ़ चौकियों की स्थापना कर राहत सामग्री को युद्ध स्तर पर वितरित करने का कार्य किया जा रहा है। ऐसे प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के अतिरिक्त क्लोरीन की टेबलेट प्रत्येक पीड़ित एवं प्रभावित परिवारों को उपलब्ध करायी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित व जल भराव वाले क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में एण्टी स्नेक वेनम व एण्टी रैबीज़ इंजेक्शन उपलब्ध कराये गये हैं। जिससे किसी भी व्यक्ति को यदि ज़हरीले कीट के दंश व कुत्ते इत्यादि के काटने का स्थानीय स्तर पर ही इलाज किया जा सके।

श्री योगी ने कहा कि यदि किसी परिवार का कोई व्यक्ति दुर्भाग्य से बाढ़ के पानी में डूबता है या किसी हिंसक जानवर से संघर्ष में मृत्यु होती है तो ऐसे पीड़ित परिवारों को तत्काल 04 लाख रूपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जाती है। इसके अलावा ऐसे व्यक्ति जिनके मकान क्षतिग्रस्त हो गये ऐसे लोगों को वहॉ पर मकान उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। ऐसे लोग जिनके मकान क्षतिग्रस्त हुए है ऐसे लोगों एस.डी.आर.एफ. फण्ड से रू. 95100=00 तत्काल उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अलावा पशुओं की जनहानि होने पर निर्धारित मानक के अनुसार भी धनराशि उपलब्ध करायी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि यह सुनिश्चित किया जाए फसलों को होने वाली क्षति का आंकलन कर प्रभावित किसानों को राहत सामग्री के साथ-साथ शासन द्वारा अनुमन्य मुआवज़ा भी उपलब्ध कराया जाय।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्दर वर्तमान समय में बाढ़ के साथ-साथ वेक्टर जनित रोगों का प्रकोप भी देखने को मिल रहा है। इस स्थिति के बेहतर प्रबन्ध के लिए सरकार द्वारा प्रत्येक जनपद में 01-01 वरिष्ठ आई.ए.एस. अधिकारी को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी गयी है। नोडल अधिकारी जनपद में जाकर 04 से 05 दिवस कैम्प कर प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री के वितरण तथा बचाव कार्यों की समीक्षा करने के साथ साथ वहॉ पर किसी प्रकार की जलजनित और विषाणुजनित बीमारियों को रोकने के लिए किये गये उपायों की समीक्षा करेंगे और जनप्रतिनिधियों के साथ उन सभी कार्यक्रमों को तेज़ी के साथ आगे बढ़ाने का कार्य करेंगे।

मा. मुख्यमंत्री ने कहाकि 05 सितम्बर से 12 सितम्बर तक प्रदेश के हर जनपद में स्वच्छता, सेनेटाईज़ेशन के लिए व्यापक अभियान चलाया जायेगा। जिसमें शिक्षा विभाग, नगर विकास, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, महिला एवं बाल विकास सहित अन्य विभागों को जिम्मेदारी दी गयी है कि अन्तर्विभागीय समन्वय के साथ व्यापक पैमाने पर वर्षा ऋतु एवं वर्षा ऋतु के पश्चात होने वाली किसी भी प्रकार की बीमारी की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्यवाही करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अन्दर बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। मैने अपने अगले तीन दिन बाढ़ क्षेत्र के दौरे के लिए निर्धारित किये है। बाढ़ क्षेत्र के भ्रमण के दौरान मैं प्रभावित परिवारों को मिलने वाली राहत सामग्री की समीक्षा करूंगा।

मुख्यमंत्री ने कहाकि बहराइच में राहत कार्य संतोषजनक ढंग से आगे बढ़ रहा है। हर जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में सक्रिय भूमिका के साथ जनता की सेवा के लिए लगा हुआ है। शासन ने पर्याप्त मात्रा में धनराशि हर जनपद को उपलब्ध करायी है। नौकाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गयी है। राहत और बचाव के लिए एन.डी.आर.एफ., एस.डी.आर.एफ. और पी.ए.सी. की फ्लड यूनिटों को जनपद में तैनात किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे विश्वास है कि सभी लोग मिलकर आपदा काल में हर एक व्यक्ति को शासन की मंशा के अनुरूप राहत प्रदान करने में अपना सहयोग देंगे। उन्होंने कहा कि बाढ़ से बचाव के लिए हम लोगों ने पहले ही जलशक्ति मंत्रालय की ओर से भारत सरकार और राज्य सरकार ने कार्ययोजना बनायी थी। बहराइच की सभी 05 परियोजनाएं पूर्णतः की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं उन परियोजनाओं का अवलोकन करते हुए यहॉ आया हूॅ। उन्होंने कहा कि समय से किये गये उपाय के कारण बाढ़ की विभीषिका से बढ़ी आबादी को बचाने में सफलता मिली है। आगामी समय में इसे और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।  

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू सिंह, विधायक महसी सुरेश्वर सिंह, नानपारा की श्रीमती माधुरी वर्मा, बलहा की श्रीमती सरोज सोनकर, प्रभारी डीएम/सीडीओ कविता मीना, पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह, एडीएम जयचन्द्र पाण्डेय, सीआरओ प्रदीप कुमार यादव, अपर पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानन्जय सिंह, ग्रामीण अशोक कुमार सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी, गणमान्य एवं संभ्रान्तजन, क्षेत्रीय जनता, बाढ़ प्रभावित ग्रामीण मौजूद रहे।