जनपद में चल रहे कल्याणकारी कार्यों की समीक्षा में डी .एम ने दिये निर्देश।

कानपुर देहात : जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के बारे में सीएमएस डा0 राजीव गुप्ता ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत जनपद में कुल 20 टीमें काम कर रही है, जिनका लक्ष्य है कि जनपद के 4192 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाये, इनमें से 2385 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण हो चुका है। इसमें से 380 बच्चें विभिन्न बीमारियों से ग्रसित नजर आये, सीएचसी, पीएचसी में 326 बच्चों का इलाज चल रहा है। जबकि एनआरसी में कुल 25 बच्चें भर्ती किये गये है। यह अभियान 20 सितम्बर तक चलेगा। जैसा की विदित है इस कार्यक्रम का उद्देश्य जन्म से लेकर 18 वर्ष तक के बच्चों में विशिष्ट रोग सहित 4डी अर्थात चार प्रकार की परेशानियों के लिए शीघ्र पहचान और प्रारंभिक हस्तक्षेप करना है, इन चार परेशानियों में जन्म के समय जन्मदोष, बीमारी, कमी और विकलांगता सहित विकास में रूकावट की जांच शामिल है। इस योजना के तहत जन्म से लेकर 6 वर्ष की आयु वर्ग के लिए प्रबन्धन विशेष कर जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केन्द्र (डीईआईसी) पर किया जाता है जबकि 6 से 18 वर्ष की आयु के लिए स्थितियों का प्रबन्धन सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों के माध्यम से किया जाता है। इसके तहत जन्मदोष के अन्तर्गत न्यूरल ट्यूब की खराबी, डाउनसिन्ड्रोम, फटा ओंठ, असमान अकार का कूल्हा, जन्मजात मोतियाबिन्दु, जन्मजात बेहरापन, जन्मजात हृदय रोग इत्यादि आते है। जबकि कमियों के अन्तर्गत रक्ताल्पता, विटामिन ए की कमी, विटानि डी की कमी, गंभीर कुपोषण, घेंघा इत्यादि रोग आते है। इसके अलावा जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जिलाधिकारी को बताया कि आज से पोषण का पहला सप्ताह समाप्त हो रहा है, कल से इसका दूसरा सप्ताह शुरू होगा, इसके अन्तर्गत पोष्टिक रेसिपी, साफ सफाई, आंगनबाड़ी में स्वच्छता कार्यक्रम कराया जायेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि इस पूरी गतिविधि का पीपीकिट बनाकर प्रस्तुत करें। जिससे इस कार्यक्रम को योजनाबद्ध तरीके से संचालित किया जा सके। डा0 एपी वर्मा ने बताया कि अब तक जनपद में विभिन्न प्रकार के बुखारों से दस लोगों की मृत्यु हुई है । जबकि डेंगू का एक मरीज मिला है, जिसका स्वास्थ्य ठीक चल रहा है। गोल्डन कार्ड के विषय में जानकारी देते हुए डा0 सुखलाल वर्मा ने बताया कि कल जनपद में 119 गोल्डन कार्ड बने है। जबकि डा0 झा ने जिलाधिकारी को बताया कि 7 सितम्बर से 16 सितम्बर के बीच में डोर-टू-डोर अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों का पहचान कर उनका टीकाकरण कराया जायेगा तथा कोविड-19 के अन्तर्गत 45 वर्ष के ऊपर के टीकाकरण से छूटे हुए लोगों का चिन्हांकन कर उनका टीकाकरण कराया जायेगा। जनपद में संपोषणीय विकास के तहत मिले 17 लक्ष्यों को जनपद में पूरा करने के निर्देश जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को दिये। इस सम्बन्ध में लक्ष्य एक के तहत गरीबी निवारण का लक्ष्य दिया गया है, इसका नोडल अधिकारी जिला विकास अधिकारी गोखनाथ भट्ट को बनाया गया है, जबकि 17 लक्ष्यों का नोडल मुख्य विकास अधिकारी सौम्या पाण्डेय को बनाया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि संपोषणीय विकास आज के समय की जरूरत है कृपया इसे अवश्य पूरा कर लिया जाए। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी सौम्या पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व साहब लाल, मुख्य चिकित्साधिकारी ए0के0सिंह, जिला विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट, जिला सूचना अधिकारी नरेन्द्र मोहन एवं अन्य अधिकारी और चिकित्सक उपस्थित थे।