यूपी में कोरोना के सबसे कम केस, आशा वर्कर और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने बेहतर काम किया, इसीलिए उनका मानदेय बढ़ाया: योगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में राष्ट्रीय पोषण माह-2021 का शुभारंभ किया। सीएम योगी ने कहा कि आज यूपी में कोरोना के सबसे कम केस हैं। हम लोगों ने कोरोना प्रोटोकॉल को पूरा करते हुए वैक्सीनेशन किया। अभी तक 8 करोड़ 8 लाख लोगों को वैक्सीन लगवा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगर निगरानी समितियों ने सही समय पर स्थितियों को नहीं संभाला होता तो हालत बहुत ही ज्यादा खराब होते। आशा वर्कर और आंगनबाड़ी की कार्यकत्रियों ने बेहतर काम किया। इसी को देखते उनके पिछला बकाया भुगतान के साथ ही मानदेय भी बढ़ाया जा रहा है। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को एक नया विजन दिया है। अगर मां कुपोषित है। तो बच्चा सुपोषित नहीं हो सकता। इसी को ध्यान में रख कर 2018 से सितंबर माह को पोषण माह मनाया जाता है। मां स्वस्थ हो,बच्चा स्वस्थ हो, ये कल्पना पीएम मोदी की है। इसके बेहद सकारात्मक परिणाम आए हैं। प्रदेश में आज 529 आंगनवाड़ी केंद्रों का लोकार्पण राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया है। सभी जिलों में सभी आंगनबाड़ी का अपना भवन हो इसकी कोशिश की जा रही है। कोरोना काल खंड की वजह से आंगनबाड़ी को प्री प्राइमरी बनाने में थोड़ी देरी हुई है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि पहले अधिकारी और मंत्री ,महिला बाल विकास विभाग मिलने पर इसे सजा मानते थे। उन्होंने कहा कि कुपोषण को हराने के लिए जनता को जोड़ना जरूरी है। राष्ट्रीय पोषण माह-2021’ में पोषण वाटिका की स्थापना हेतु पौधरोपण अभियान तथा सैमध्मैम बच्चों के चिन्हांकन एवं अनुश्रवण पर विशेष बल दिया जाएगा। इनके अलावा, योग एवं आयुष (बच्चों, किशोरी, बालिकाओं तथा महिलाओं को केन्द्रित करते हुए योग सत्रों का आयोजन) तथा पोषण सम्बन्धी प्रचार-प्रसार सामग्री व अनुपूरक पुष्टाहार आदि का वितरण किया जाएगा। सामुदायिक लामबंदी सुनिश्चित करने और लोगों की भागीदारी को बढ़ाने के लिए, हर साल सितंबर के महीने को पूरे देश में पोषण माह के रूप में मनाया जाता है। पोषण माह मानव शरीर के लिए सही पोषण के महत्व और भूमिका पर प्रकाश डालता है। आवश्यक पोषक तत्वों और कैलोरी के संयोजन के साथ संतुलित आहार मानव शरीर के सुचारू कामकाज और विकास के लिए महत्वपूर्ण है।