क्या सचमुच प्रेगनेंसी में कॉफी-चाय पीने से बच्चे का रंग होगा काला

प्रेगनेंसी का समय हर महिला के लिए खास होता है। यह एक ऐसा समय है जब एक महिला अपना अधिक ख्याल रखती है क्योंकि उसके ऊपर आने वाले बच्चे की भी जिम्मेदारी होती है। गर्भावस्था न केवल महिला बल्कि उसके पार्टनर व परिवार के लिए भी खास होता है। वहीं, जब कोई महिला गर्भवती होती है तो परिवार से लेकर पड़ोसी तक, उसे राय देने लगते हैं। कुछ महिलाएं तो इनपर भरोसा भी कर लेती हैं लेकिन यह जरूरी नहीं कि उनकी बताई हर बात सच हो। यहां हम आपको प्रेगनेंसी से जुड़े कुछ ऐसे अंधविश्वासों के बारे में बताएंगे, जिनपर महिलाओं को भूलकर भी भरोसा नहीं करना चाहिए।

प्रेगनेंसी में मछली खाना हानिकारक

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को मछली या किसी भी सी फूड से बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि इसमें पारा के अंश हो सकते हैं जो बढ़ते भ्रूण के लिए हानिकारक हो सकते हैं। मगर, बता दें कि यह धारणा बिल्कुल गलत है। आप एक्सपर्ट से सलाह लेकर मछली का सेवन कर सकती हैं।

सीढ़ी के नीचे चलीं तो बच्चा होगा कमजोर

पश्चिमी यूरोप में सीढ़ी को दीवार पर टिका कर रखा जाता है, जो एक त्रिकोणीय आकार बनाती है। इसे पवित्र त्रिमूर्ति का प्रतीक माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जब एक गर्भवती महिला सीढ़ी के नीचे चलती है तो वह पवित्र त्रिमूर्ति को तोड़ देती है, जिससे बच्चे को नुकसान होता है। मगर, यह धारणा भी बिल्कुल गलत है। हां, प्रेगनेंसी के शुरूआती महीनों में महिला को सीढ़िया ना चढ़ने की सलाह जरूर दी जाती है, क्योंकि तब भ्रूण का विकास पूरी तरह से नहीं हुआ होता।

सफेद चीजें खाओ, बच्चे का रंग होगा गोरा

अगर आप उन देशों में से हैं जहां गोरी त्वचा को सुंदरता की पहचान माना जाता है तो आपने यह सुना होगा। लोगों का मानना है कि अगर गर्भवती महिला दूध, पनीर, अंडे का सेवन करती है तो बच्चा गोरा पैदा होगा। वहीं डार्क फूड्स जैसे कॉफी, चाय और डार्क चॉकलेट खाने से बच्चा काला पैदा होगा। बता दें कि यह पूरी तरह से गलत है। बच्चे के रंग का भोजन से कोई लेना-देना नहीं है। रूस के कुछ गांवों में महिलाएं अपने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए अपने गले में म्हहेीमससे पहनती हैं। ऐसा माना जाता था कि जब तक अंडे का छिलका सुरक्षित रहता है, तब तक बच्चा भी सुरक्षित रहता है। माताओं का मानना घ्घ्था कि अंडे उनके बच्चों को सुरक्षित रखते हैं क्योंकि अंडा उनकी गर्भावस्था का प्रतीक था। कई देश लोग आज भी इस अंधविश्वास को मानते हैं। लोगों का मानना है कि गर्भ में अपने बच्चे के लात मारने के तरीके से उसके लिंग का पता चलता है। अगर वे बाईं ओर लात मारते हैं तो लड़का, और दाईं ओर लात मारते हैं तो लड़की होगा। मगर, यह सिर्फ एक अंधविश्वास है।

बालों को नीचे गिराने से प्रसव में मदद मिलेगी

लोगों का मानना है कि बालों को नीचे रखने से यह गर्भाशय ग्रीवा को खोलने में मदद करता है, जिससे प्रसव में आसानी होती है। मगर, इसमें कोई सच्चाई नहीं है।

दरवाजे-खिड़कियां खोलना आसान एक्सरसाइज

रूस, यूक्रेन और बेलारूस के लोगों का मानना है कि दरवाजे, खिड़कियां, अलमारियां, बक्से, दराज और अलमारी खोलना महिला के लिए एक आसान श्रम होगा। यह अंधविश्वास शायद इसलिए लोकप्रिय हुआ क्योंकि घर में जन्म के दौरान मां को वेंटिलेशन की जरूरत होती थी जो कि दिन में आम बात थी।

ध्यान रखें कि प्रेगनेंसी में किसी भी अंधविश्वास पर विश्वास करने से पहले किसी एक्सपर्ट से सलाह लें।