गणपति देवा

विघ्नहरण मंगलकरण,

हे गणपति महाराज।

सबसे पहले पूजन आपका 

सिद्ध करो सब काज।।

शिव पार्वती के लाड़ले गणेश ,

बच्चों के भी प्रिय देवा।

तेरा जन्मोत्सव मनाऊं मैं,

लेकर लड्डू मोदक मेवा।। 

हे बुद्धिपति शुभकर्ता सुखकर्ता,

जग के सारे तिमिर हरो।

जिससे सारे कस्ट मिटे, 

सबके जीवन में दिप्ती भरो।।

तेरा हर अंग हे देवा, 

देता है कुछ सीख। 

जो इनको अंगीकार करले, 

नहीं रहता वह हीन।।


वन्दना पांडेय 

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश ।