हिमाचल में भी देखने को मिला किसान संगठनों के बंद का असर, बाहरी रूटों पर नहीं दौड़ीं बसें

शिमला : नए कृषि कानूनों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा और संयुक्त किसान मंच के बंद का असर हिमाचल प्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। राजधानी शिमला सहित ठियोग, कोटखाई, जुब्बल, रोहड़ू, नारकंडा, रामपुर, नालागढ़, पांवटा  में किसान-बागवानों अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। वहीं, शिमला के विक्ट्री टनल के पास संयुक्त किसान मंच ने चक्का जाम किया। किसान मजदूर संघर्ष समिति नालागढ़ ने भारत बंद के समर्थन में नालागढ़ चौक पर प्रदर्शन व चक्का जाम किया।

संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान और सह संयोजक संजय चौहान का कहना है कि किसानों-बागवानों के अलावा व्यापारी, ट्रांसपोर्टर, छात्र, मजदूर और नौजवान भी बंद को समर्थन दे रहे हैं। सेब सीजन के दौरान फसल की सही कीमतें न मिलने, कॉरपोरेट कंपनियों की मनमानी, एपीएमसी की मंडियों और चैक पोस्ट पर लूट सहित 13 मांगों को लेकर सरकार को ज्ञापन भेजा था बावजूद इसके सरकार ने एक नहीं सुनी। 

भारत बंद के चलते आईएसबीटी से अंतरराज्यीय रूटों चलने वाली सभी बसें आज बंद हैं। एचआरटीसी से सुबह दो बसें चंडीगढ़ भेजी थीं, लेकिन पंजाब में चक्का जाम व प्रदर्शन के चलते बसें वहां फंस गई हैं। इसके बाद बाहरी राज्यों की सभी सेवाओं को रद्द कर दिया गया। आईएसबीटी ऊना से करीब 25 रूटों पर चलने वाली इंटर स्टेट बस सेवाएं भी ठप हैं। हिमाचल सरकार ने भारत बंद को देखते हुए स्थानीय जनता से पंजाब-हरियाणा की अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।