याद आई है


याद फिर आज तेरी आई है,

कल्पनाओ को वह अपने संग लाई हैं।

क्या कहूं उस बीते हुए कल की बात,

आंखों में एक चमक फिर आई है।

याद फिर आज तेरी आई है।

वह सारी बातें प्यार भरी,

वो मौजों की बस्ती।

प्यार भरी मस्ती,

जब तेरा मुस्कुराना।

याद फिर आज तेरी आई है।

तेरा आवाज देना मुझे,

प्यार से फिर बुलाना मुझे।

हर बात फिर लब पर छाई है,

याद फिर आज तेरी बहुत आई है।

चाह कर भी ने भुला पाई तेरे जज्बात,

जो तू ने बिताई मेरे साथ हंसी रात।

उसे हंसी रात में चांद तारों की बारात आई है,

तेरे प्यार की हर प्यारी बात याद आई है।

याद फिर आज तेरी बहुत आई है।

दिल की गहराई में बसा है तू तो सनम,

हर बात पर आज तेरी बात याद आई है।

मुस्कुराहटों की चादर क्या ओढ़ ली है हमने,

दुनिया ने फिर नजर लगाई है।

दुनिया को कहां खबर प्यार की आई है,

आज फिर तेरी बहुत याद आई है।।

                रचनाकार ✍️

                मधु अरोरा