बौने चांद खां को नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ

चित्रकूट।रामनगर ब्लाक के पहाडी गांव के मुस्लिमपुरवा के दिव्यांग चांद खां को छोटे कद के चलते सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। उसने रो-रोकर अपना हाल प्रधान व अधिकारियों को सुनाया है। मंगलवार को मुस्लिमपुरवा के चांद खां ने बताया कि उसने सबको अपना हाल सुनाया है। उसकी कोई नहीं सुनता है। वह बहुत गरीब है। उसके मां-बाप चार भाई और दो बहन हैं। सभी की शादी हो चुकी है। उसके छोटे कद का सभी लोग मजाक उडाते हैं। चांद खां ने बताया कि रामनगर ब्लाक में साइकिल के लिए फार्म भरे जा रहे थे। वहां के अधिकारी कहते हैं कि उसकी साइकिल चलाने की उम्र नहीं है। जो विकलांग हैं उन्हें साइकिल दी जाती हैं। चांद खां ने कहा कि उसे साइकिल मिल जाये तो वह बहुत कुछ कर सकता है।

चांद खां ने बताया कि योजनाओं को पाने को भाग-दौड में उसके लगभग पांच हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। उसे न पेंशन मिल रही है न विकलांग साइकिल। चांद खां के सामने सबसे बडी चुनौती है कि मां-बाप से लेकर नाते-रिश्तेदार तक उसे पैरों पर खडे होने की नसीहत देते हैं, लेकिन कोई साथ नहीं देता है। देश की सरकार दिव्यांग को हर महीने पेंशन देती है। ये पेंशन उसे नहीं मिलती। रिश्ते में चांद खां के चाचा ने बताया कि जब चांद पैदा हुआ था तो ठीक था। कुछ साल बाद पैर से विकलांग हो गया और वह बौना है। कई बार प्रशासन के पास गया, कोई सुनवाई नहीं हुई। बूढे मां-बाप कब तक इसका ख्याल रखेंगे। प्रधान हनीफ खां ने बताया कि वह पूरा प्रयास कर रहे हैं। उसे पेंशन और साइकिल दिलाने का। बीडीओ धनंजय सिंह ने बताया कि योजना आने पर सबसे पहले चांद खां को साइकिल और पेंशन का लाभ दिलाया जायेगा।