अच्छी भूमि पर बीज पड़ने से अच्छी होती है फसल: डीएम

चित्रकूट। पूर्व राष्ट्रपति डाॅ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस पर शिक्षण क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने, बच्चों में पढाई के प्रति उत्साह भरने और कोरोना काल में आनलाइन क्लास संचालन में योगदान करने वाले 87 शिक्षकों-शिक्षिकाओं को जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

रविवार को सीतापुर स्थित भजन-संध्या स्थल में बतौर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी ने कहा कि जिस तरह कुम्हार मिट्टी से घडा बना देता है। उसी तरह शिक्षक की भूमिका होती है। वे अपने ज्ञान से बच्चों में नैतिकता, राष्ट्र प्रेम व कुछ कर गुजरने का जज्बा भरते हैं। प्राथमिक शिक्षा बुनियादी शिक्षा होती है। इससे बच्चों की नींव पडती है। समाज में गुरु को भगवान से बडा दर्जा आदिकाल से दिया गया है।

उन्होंने गुरुओं का वन्दन करते हुए कहा कि आज के परिवेश में पुस्तकीय ज्ञान ही प्रासांगिकता नहीं रह गई, बल्कि सामाजिक मूल्यों की भी जानकारी देना जरूरी है। बच्चा अपने घर से ही सीखना शुरु करता है। बालिका व महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार ने तमाम योजनायें संचालित की हैं। सम्मान समारोह में बीएसए राजीव रंजन मिश्र ने कहा कि गुरु से हम कुछ सीख सकते है। माता-पिता व शिक्षक दुनिया के सबसे बडे मार्गदर्शक हैं। इस मौके पर शिक्षक-शिक्षिकायें मौजूद रहीं। 

संचालन शिक्षक साकेतबिहारी शुक्ल ने किया। चित्रकूट इंटर कालेज में जिलाधिकारी ने 75 शिक्षकों का सम्मान किया। जिला विद्यालय निरीक्षक बलिराज राम ने कहा कि गुरु का स्थान महत्वपूर्ण होता है। चित्रकूट इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डाॅ रणवीर सिंह चैहान ने कहा कि चार वर्षों में माध्यमिक शिक्षा के उन्नयन को लेकर प्रदेश सरकार ने उल्लेखनीय कार्य किये हैं। इस मौके पर जीजीआईसी प्राचार्य पुष्पा वर्मा, जेपी इंटर कालेज के प्राचार्य जेपी मिश्रा समेत 75 माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकगण मौजूद रहे।