गुरु जी

गुरु जी हमारे भगवन हैं,

ये कृपा हम पर बरसाएंगे।

जीवन जीने के सारे हुनर,

ये ही हमको सिखलाएँगे।


अज्ञान के सारे अंधियारे,

पल भर में मिट जाएंगे।

ज्ञान के दीप जलाकर के,

अज्ञान धरा से मिटाएंगे।

गुरु जी अपनी माया से,

हम सबका भला कर जाएंगे।

जीवन जीने के सारे हुनर,

ये ही हमको सिखलाएँगे।

गुरु जी...........


आशाओं के पंखों से,

गुरु जी उड़ना सिखलाएँगे।

हाथ पकड़कर गुरु हमको,

पथ सच्चा दिखलाएँगे

मझधार में डूबे जब नैया,

पतवार खुद ही बन जाएंगे।

जीवन जीने के सारे हुनर,

ये ही हमको सिखलाएँगे।

गुरु जी........


हर विपदा हर मुश्किल से,

गुरु जी लड़ना सिखलाएँगे।

नित तराश गुरु जी हमको,

हीरे जैसा चमकाएंगे।

गुरु सदाचार ,संस्कारों की,

पूंजी हमको दे जाएँगे।

जीवन जीने के सारे हुनर,

ये ही हमको सिखलाएँगे।

गुरु जी..........


स्वरचित

सपना (सo अo)

जनपद- औरैया