विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में डीएम ने की विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक

बहराइच। विद्युत विभाग में क्रियान्वित रिवेम्प आरडीएसएस योजना, यूपीपीडीएनआरपी योजना के अन्तर्गत बेयर कन्डक्टर को ए0बी0 केबिल से प्रतिस्थापित करने तथा अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण के दृष्टिगत मा. जनप्र्रतिनिधियों के सुझाव एवं सहभागिता सुनिश्चित कराये जाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी डॉ दिनेश चन्द्र द्वारा निर्देश दिये गये कि पुनः एक बार प्रस्तावों का अध्यन कर मा. जनप्रतिनिधियों एवं सभी स्टेक होल्डर से विचार-विमर्श कर आवश्यकतानुसार प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाय।

जिलाधिकारी डॉ चन्द्र ने निर्देश दिया कि राजकीय नलकूपों व निजी ट्यूबेल वालों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराये जाने के लिए सम्बन्धित के साथ एसडीओ स्तर पर बैठक का आवश्यक फीडबैक प्राप्त किये जाय। आवश्यकतानुसार जर्जर तारों, खराब पोलों को बदलने का भी कार्ययोजना में शामिल किया जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रस्तावित बड़े कार्यो का अधि. अभि. स्तर के अधिकारियों से सत्यापन करा लिया जाय। खराब ट्रांसफार्मर बदलने की कार्यवाही व बिलिंग की समस्या का समाधान समय से कराया जाय।

बैठक के दौरान सौभाग्य योजना के अन्तर्गत फेज 3 में स्वीकृति हेतु प्रेषित प्रस्ताव, प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत अल्पसंख्यक बहुल्य क्षेत्रों हेतु जन उपयोगी एवं अभिनव परियोजनाओं के नवीन प्रस्ताव, उत्तर प्रदेश पावर डिस्ट्रीव्यूशन नेटवर्क रिहैबिटेशन प्रोजेक्ट यूपीपीडीएनआरपी का एक हजार से अधिक आबादी वाले ग्रामों, मजरों में जर्जर तार एवं ए0बी0 केबिल बदलने, यूपीपीडीएनआरपी योजनान्तर्गत 500 से अधिक आबादी वाले ग्रामों, मजरों के स्वीकृति के सम्बन्ध में मा. जनप्रतिनिधियों के सुझाव तथा रिवेम्प योजना अन्तर्गत उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराये जाने हेतु मा. जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्ताव पर चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।

इस अवसर पर एमएलसी हाजी इमलाक खां, विधायक पयागपुर सुभाष त्रिपाठी के प्रतिनिधि रामेश्वर प्रसाद पाण्डेय, बलहा के प्रतिनिधि आलोक जिन्दल, अधीक्षण अभियन्ता विद्युत ए.एस रघुवंशी, अधि. अभि. विद्युत वितरण खण्ड बहराइच मुकेश बाबू, नानपारा कृष्ण कुमार, कैसरगंज सुनील कुमार सहित विद्युत विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।