शिक्षक तो अनमोल है.....

नूर तिमिर को जो करें, बांटे सच्चा ज्ञान !

मिट्टी को जीवित करें, गुरुवर वो भगवान !!


भरें प्रतिभा, योग्यता, बुनता सभ्य समाज !

समदृष्टि, सद्भाव भरें, पूजनीय ऋषिराज !!


जब रिश्ते हैं टूटते, होते विफल विधान !

गुरुवर तब सम्बल बने, होते बड़े महान !!


धैर्य और विवेक भरें, करते दुर्गुण दूर !

तप, बल से निर्मित करें, सौरभ निर्भय शूर !!


नानक, गौतम, द्रोण सँग, कौटिल्या, संदीप !

अपने- अपने दौर के, मानवता के दीप !!


चाहत को पर दे यही, स्वप्न करे साकार !

शिक्षक अपने ज्ञान से, जीवन देत निखार !!


शिक्षक तो अनमोल है, इसको कम मत तोल !

मीठे हैं परिणाम बहुत, कड़वे इसके बोल !!


गागर में सागर भरें, बिखराये मुस्कान !

सौरभ जिसे गुरू मिले, ईश्वर का वरदान !!


✍ --प्रियंका सौरभ