गौतम अडानी की इस कंपनी को झटका


 मामला गुजरात ऊर्जा विकास लिमिटेड (जीयूवीएल) की सुधारात्मक याचिका (क्यूरेटिव पिटीशन) से जुड़ा है। दरअसल, अडानी पावर ने जीयूवीएल के साथ विद्युत खरीद करार यह कहते हुए तोड़ दिया था कि गुजरात मिनरल डेवलेपमेंट कॉरपोरेशन (जीएमडीसी) उसे कोयला आपूर्ति करने में विफल रहा है। इसके खिलाफ जीयूवीएल ने गुजरात राज्य विद्युत नियामक आयोग का दरवाजा खटखटाया था, जिसने करार रद्द किये जाने को अवैध ठहराया था।

इस फैसले के खिलाफ अडानी समूह ने अपीलीय न्यायाधिकरण का दरवाजा खटखटाया और उसने भी आयोग के निर्णय को जायज ठहराया था।  इसके बाद अडानी समूह ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। जुलाई 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने अडानी समूह के हित में फैसला सुनाया था। इस फैसले के खिलाफ जीयूवीएल ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी। इसके बाद 3 सितंबर को  पुनर्विचार याचिका खारिज कर दिया गया। इसके बाद जीयूवीएल ने सुधारात्मक याचिका दायर की। इस याचिका पर दौरान शीर्ष अदालत ने अडानी पावर को नोटिस जारी किया है।