हाथ पर 11 से ज्यादा तिल होना कैंसर का संकेत

                                              

शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर मौजूद तिल जहां खूबसूरती का पैमाना तय करते हैं वहीं बड़े-बड़े मस्से खूबसूरती बिगाड़ भी देते हैं। यही नहीं, शरीर पर काले, भूरे रंग के उभरे हुए तिल सेहत से जुड़ी समस्याओं की तरफ इशारा भी करते हैं। जी हां, शरीर के तिल कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों का संकेत भी हो सकते हैं। चलिए आपको बताते हैं तिलों से जुड़े कुछ जरूरी फैक्ट

क्या होते हैं तिल?

हेल्घ्थ साइंस की माने तो तिल मेलानिन नामक तत्व के बने होते हैं। मेलानिन एक तरह का पिगमेंट है, जो कई सारे सेल्स से मिलकर बनता है। इसे मेलानोसाइट्स भी कहते हैं, जो अलग-अलग रंगों के लिए जिम्मेदार हैं। मेलानोसाइट्स सूरज की रोशनी, हार्मोन्स में बदलाव, प्रेगनेंसी, डायबिटीज, जीन्स के कारण तिल बनाते हैं। यह शरीर के एक या कई जगहों पर हो सकते हैं।

कब निकलते हैं तिल?

वैसे तो तिल कभी भी निकल सकते हैं। अच्छी बात यह है कि तिल निकलकर खत्म भी होते रहते हैं। कभी इनका कलर भी डॉर्क-लाइट होने लगता है।

तिल में बाल निकलने का खतरनाक

तिल निकलने पर कोई परेशानी नहीं होती लेकिन उसमें बाल निकलना कैंसर का कारण बन सकता है। हालांकि इन्हें वैक्सिंग, प्लकिंग और थ्रेडिंग से निकाला जा सकता है।

कैंसर का कारण

एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर तिल या मस्से के आकार, रंग या बनावट में अचानक कोई बदलाव हो तो यह मेलेनोमा कैंसर का संकेत हो सकता है। ये एक प्रकार का स्किन कैंसर होता है।

शरीर पर ज्यादा तिल तो हो जाए सावधान

शोध कहता है कि दाएं हाथ पर 11 से ज्यादा तिल होना स्किन कैंसर का संकेत होता है। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को तिल से कैंसर की संभावना ज्यादा होती है क्योंकि रिसर्च के मुताबिक उनके शरीर पर ज्यादा तिल होते हैं। वहीं, पूरे शरीर पर 100 से ज्यादा तिल होने से कैंसर का खतरा 5 गुना बढ़ जाता है।

हार्मोन में असंतुलन की वजह है तिल

टीनएज के बाद व्यक्ति के शरीर पर 10 से 40 तक तिल नजर आने लगते हैं, जो सिर, नाखूनों, गर्दन, चेहरे और शरीर के किसी भी हिस्से पर हो सकते हैं। तिल निकलने की एक वजह हार्मोन्स असंतुलन भी हो सकता है। इसके कारण गहरे, बड़े और भारी संख्या में तिल नजर आते हैं।

कब करें डॉक्टर से कॉन्टैक्ट

अगर तिल तेजी से आकार बदल रहा और उसमें खुजली या खून आ रहा है तो सतर्क हो जाए। तिल के आस-पास त्वचा पर लाल, सफेद, गुलाबी, नीले या काले धब्बे दिखाई दें तो बिना देरी डॉक्टर को दिखाए। अगर 6 हफ्तों तक दवा लेने के बाद भी ये ठीक ना हो तो कैंसर रोग विशेषज्ञ से जांच करवाएं।

कैसे रखें बचाव?

. ज्यादा देर धूप में न रहें।

. सनस्क्रीन लोशन लगाकर और शरीर को ठीक से ढंककर ही घर से बाहर जाएं। 

. हैल्दी डाइट लें और भरपूर पानी पीएं। साथ ही बाहर के अनहैल्दी चीजों से दूरी बनाकर रखें।

. अगर कोई भी लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

अगर कैंसर एक ही जगह पर हो तो डॉक्टर उसे सर्जरी के जरिए निकाल देते हैं लेकिन अगर वो पूरे शरीर में फैल जाए तो कीमोथेरेपी या रेडियोथेरेपी दी जाती है।