पक्के नुस्खे, नसों में कभी ब्लॉकेज नहीं होगी अगर होगी भी तो 10 दिन में होगी सही


दिन ब दिन बिगड़ते लाइफस्टाइल और खान-पान के चलते आज हर 10 में से 9 वां व्यक्ति हाथ-पैर में दर्द से परेशान है। कुछ लोग तो इसे मामूली समझ इग्नोर कर देते हैं लेकिन यह नसों में ब्लॉकेज का संकेत हो सकता है, जिसे वैरिकॉज वेंस भी कहा जाता है। बंद नसों के कारण ना सिर्फ हाथों-पैरों व जोड़ में दर्द रहता है बल्कि यह कोरोनरी धमनी रोग, ब्रेन स्टोक और हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ाता है। ऐसे में आज हम आपको कुछ घरेलू नुस्खे बताएंगे, जिससे ब्लॉक नसें खुल जाएंगी।

सबसे पहले जानते ब्लॉक नसों के कारण

. शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने से ब्लड सर्कुलेशन बिगड़ जाता है और खून धीरे-धीरे गाढ़ा होने लगता है, जो ब्लॉकेज का रूप ले लेता है। इसके अलावा...

. चोट लगने

. एक ही पॉश्चर में घंटों तक बैठ रहने

. फिजिकल एक्टीविटी की कमी

. पुरानी कब्ज

. मोटापा

. शरीर में विटामिन-सी की कमी के कारण नसों में ब्लॉकेज हो सकती है।

चलिए अब हम आपको बताते हैं बंद नसें खोलने के घरेलू नुस्खे

ग्रीन टी

हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, दिन में कम से कम 2 कप ग्रीन टी पीने से खून पतला होता है और बंद नसें खुल जाती हैं।

तुलसी

बंद नसें खोलने के लिए आप तुलसी का काढ़ा भी पी सकते हैं। इसके लिए तुलसी के पत्ते, दालचीनी, काली मिर्च को 1 गिलास पानी में उबालें। जब वो आधा रह जाए तो शहद मिलाकर पीएं।

लहसुन

1 गिलास लहसुन में 3 कलियां लहसुन उबालकर पीएं। इसके अलावा लहसुन की चाय भी बंद नसें खोलने में मदद करेगी।

हल्दी

हल्दी में मौजूद सल्फर यौगिक और एक्टिव कंपाउंड करक्यूमिन बंद नसें खोलने में कारगार है। भोजन में हल्दी का इस्तेमाल ज्यादा करें या इसका काढ़ा बनाकर पीएं।

अर्जुन की छाल

अर्जुन की छालभी खून को पतला करने में मददगार होती है। इसके लिए अर्जुन की छाल को रातभर गर्म पानी में भिगो दें और हर सुबह पानी पिएं। यह दिल की मांसपेशियों के संकुचन को भी बढ़ावा देती है।

अलसी और चिया बीज

अलसी और चिया बीज ये छोटे बीज स्वस्थ ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरे होते हैं जो रक्त के थक्कों को रोकने और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करते हैं।

पुदीने का तेल

पुदीने के तेल से ब्लॉकेज वाले हिस्से पर हल्के हाथों से मसाज करें। नियमित ऐसा करने से भी बंद नसें खुल जाएंगी और सूजन व दर्द से भी राहत मिलेगी।

इन बातों का भी रखें परहेज

. डाइट में फल व सब्जियों का अधिक से अधिक सेवन करें और हैल्दी भोजन खाएं।

. नमक व चीनी, आइस्क्रीम, तली हुई चीजें, प्रोसेस्ड फूड्स, सैचुरेटेड व ट्रांस फैट फूड्स का कम सेवन करें।

. रिफाइंड जंक और नॉनवेज से  भी जितना हो सके दूरी बनाकर रखें।

. तनाव व टेंशन ना लें और रोजाना 7-8 घंटे की नींद लें

. रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें और सुबह नंगे पैर घास पर चलें।

याद रखें, बीमारी चाहें कोई भी हो हैल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर ही उसे दूर किया जा सकता है।