IND vs ENG: ऋषभ पंत ने बताया, टीम की आगे की रणनीति

अनुभवी जेम्स एंडरसन की अगुआई में तेज गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन के दम पर इंग्लैंड ने तीसरे टेस्ट के पहले दिन भारत को सिर्फ 78 रनों पर ही समेट दिया। लॉर्ड्स टेस्ट में जिस तरह से भारतीय टीम ने इंग्लैंड के जबड़े से जीत छीनी थी, उस समय किसी को भी यह एहसास नहीं था कि टीम की हैडिंग्ले में ऐसी दुर्गति होने वाली है। कप्तान विराट कोहली के लंबे समय बाद हैडिंग्ले में टॉस जीतने के बाद तो ऐसा लगा कि सबकुछ भारत के अनुसार ही हो रहा है, लेकिन यहां इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों को कुछ और ही मंजूर था। रही-सही कसर इंग्लैंड की सलामी जोड़ी ने पूरी कर दी, जिन्होंने दिन का खेल खत्म होने तक भारतीय गेंदबाजों को एक भी विकेट नहीं लेने दिया। दिन का खेल खत्म होने के बाद भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने पत्रकारों से बात की और टीम की आगे की रणनीति को बताया।

पहले ही दिन टीम के 78 रनों पर ऑलआउट होने के बाद पंत ने प्रेस से बात करते हुए कहा कि, 'पहले सेशन में बल्लेबाजी के दौरान विकेट काफी सोफ्ट था। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने इस दौरान अच्छे एरिया में बॉलिंग की। हमें अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देना चाहिए था और कुछ पार्टनरशिप करनी चाहिए थी। हमने पहली पारी की अपनी गलतियों से काफी कुछ सीखा है और अगली पारी में इस पर काम करेंगे।' भारत के लंबे समय बाद टॉस जीतने और फिर कप्तान विराट कोहली के बैटिंग करने के फैसले पर पंत ने कहा कि, 'मुझे नहीं लगता कि टीम को पहले बैटिंग करने के फैसले पर किसी तरह का कोई पछतावा है। एक बार जब हमने बैटिंग करने का फैसला किया तो फिर टीम ने उसी पर फोकस किया।'

पहले दिन एंडरसन ने शानदार स्विंग गेंदबाजी का नजारा पेश करते हुए ने मैच के पहले ही घंटे में ही सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल, चेतेश्वर पुजारा और कप्तान विराट कोहली को पवेलियन भेज दिया। इस दौरान भारतीय बल्लेबाजों को ऑफ साइड से बाहर की गेंद से छेड़छाड़ का खामियाजा भुगतना पड़ा और पहले पांच बल्लेबाज विकेटकीपर जोस बटलर को कैच देकर आउट हुए। भारत ने अपने आखिरी छह विकेट सिर्फ 22 रन जोड़कर गंवाए, जिससे लंच के बाद टीम 40.4 ओवर में ही सिमट गई। क्रेग ओवर्टन (14 रन पर तीन विकेट), ओली रोबिन्सन (16 रन पर दो विकेट) और सैम करन (27 रन पर दो विकेट) ने एंडरसन के बनाए दबाव का फायदा उठाकर भारतीय पारी को समेटा।