कोह में कोहराम गांव में दिनभर रही हलचल, लखनऊ आगरा से पहुंची टीमें

-जचौंदा में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया कैंप

-विधायक ने एसडीएम के साथ किया गांव का दौरान

मथुरा। कोह मंे बुखार से बच्चों की मौत के बाद कोहराम मचा हुआ है। बुधवार को कोह में दिनभर हलचल रही। हकीकत की टोह लेने के लिए लखऊन और आगरा से टीमें गांव पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत की। सीएमओ से भी तीखे सवाल किए। इस दौरान जिलाधिकारी भी मौजूद रहे। मलेरिया विभाग की टीम दवा का छिडकाव करा रही है। सफाईकर्मियों को गांव में लगा दिया गया है। दूसरी ओर गांव जाचौंदा में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। विधायक कारिंदा सिंह और एसडीएम ने गांव का दौरा किया। गांव के प्राथमिक विद्यालय में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अपना कैंप लगाया हुआ है। यहां लगातार ग्रामीणों की जांच की जा रही है और सैंपल लिए जा रहे हैं। ज्ञात रहे कि गांव में बुखार से एक बच्चे की मौत की सूचना पर अधिकारी गांव की ओर दौडे हैं।

पिछले दिनों कोंह गांव में एक के बाद एक आठ बच्चों की बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी से निपटने और बचाव कार्य के लिए कई दिनों तक कोई इंतजामात नहीं किए। मंगलवार को डीएम नवनीत सिंह चहल कौंह गांव पहुंचे और मृतक बच्चों का हाल जानने के साथ ही मरीजों और उनके तीमारदारों से भी मिले। डीएम ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। डीएम ने कहा कि गांव का सर्वे कराया जा रहा है और बीमार व्यक्तियों की जांच कर उन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक उपचार कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस कर्य में कार्य में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई डॉक्टर इस में लापरवाही करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

उन्होंने इसी क्रम में आसपास के अन्य गांव में भी अभियान चलाकर लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाएगा और उन्हें आवश्यकता अनुसार दवा और मेडीकल उपचार की व्यवस्था की जाएगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची। गंभीर मरीजों को रैफर करने की स्थिति के लिए तीन एम्बूलेंस लगाई गई है। गांव में स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा कोरोना, डैंगू और मलेरियां की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि गांव में की गई जांच के बाद कई मरीजों में डेंगू पाया गया है। गांव में सफाई और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग अभी तक गांव में फैली बीमारी और बच्चों की मौत का कारण पता नहीं लगा सका है।