चाय से जुड़े इन भ्रमों को सच मानते हैं लोग, जानिए इनकी सच्चाई

कई लोगों के दिन की शुरूआत एक कप चाय के साथ होती है, वहीं कुछ लोग ऐसे हैं जो तरह-तरह की चाय का सेवन टॉनिक के रूप में करते हैं। हालांकि जैसे-जैसे लोगों के बीच तरह-तरह की चाय मशहूर हुई है, वैसे-वैसे लोगों के मन में इससे जुड़े कई भ्रम घर करते जा रहे हैं जिनकी सच्चाई कुछ अलग ही है। आइए आज आपको चाय से जुड़े कुछ भ्रम और उनकी सच्चाई के बारे में बताते हैं।

भ्रम- दूध वाली चाय के सेवन से स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचता है

कई लोगों का यह मानना है कि दूध वाली चाय के सेवन से स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचता है, लेकिन इस बात की सच्चाई से लोग अनजान है। दरअसल, कई लोगों का मानना है कि चाय में दूध मिलाने से इसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं, जबकि यह गलत है। चाय में दूध मिलाने से कभी भी इसके पोषक तत्व कम नहीं होते हैं, बल्कि दूध मिलाने से शरीर में कैल्शियम की पूर्ति होती है।

भ्रम- ग्रीन टी पीने से तुंरत कम होता है वजन

अगर आप इस बात को सच मानते हैं कि ग्रीन टी पीने से वजन तुरंत कम होता है तो आपको बता दें कि यह सिर्फ आपका भ्रम है। भले ही ग्रीन टी में मौजूद पोषक तत्व मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने और फैट बर्न करने में मदद करते हों, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि सिर्फ ग्रीन टी पीन से ही वजन कम होने लगता है। इसके साथ आपको अपनी डाइट और एक्सरसाइज पर भी पूरा ध्यान देना होगा।

भ्रम- चाय कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है

चाय से जुड़ा एक भ्रम यह भी है कि यह कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। हम ऐसा इसलिए कह सकते हैं क्योंकि इस बात का कोई चिकित्सकीय प्रमाण नहीं है कि चाय कैंसर के जोखिम को कम कर सकती है। हालांकि कई अध्ययनों में इस बात का जिक्र मिलता है कि सीमित मात्रा में ग्रीन टी का सेवन कैंसर से बचाव करने में कारगर है।

भ्रम- चायपत्ती कभी एक्सपायर नहीं होती है

शायद यह सबसे आम भ्रम है कि चाय बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चायपत्ती कभी एक्सपायर नहीं होती है, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो आप बिल्कुल गलत हैं क्योंकि रसोई में मौजूद अधिकतर चीजों की तरह चायपत्ती की भी एक्सपायरी डेट होती है। एक्सपायरी हो चुकी चायपत्ती से बनाई गई चाय का सेवन करने से सेहत को नुकसान पहुंच सकता है।