आज के युवा कल के रोज़गार सृजनकर्ता और इनोवेशन के लिए चौथी औद्योगिक क्रांति के नेता हैं

गोंदिया - भारत कृषि से लेकर औद्योगिक क्षेत्रों में बहुत तेज़ी के साथ विकास की ओर बढ़ रहा है। जिसको और गति शीलता प्रदान करने के लिए रणनीतिक योजनाबद्ध तरीके से नई-नई योजनाओं को लागू किया जा रहा है। केवल वर्तमान ही नहीं भविष्य और आनेवाली पीढ़ियों के लिए भी एक मज़बूत आधारभूत ढांचा तैयार किया जा रहा हैं। जिसके दूरगामी परिणाम हमारी अगली पीढ़ियों तक भी पहुंचेंगे जिससे उनका सपना साकार हो सके...। साथियों बात अगर हम सबसे बड़ी आधारभूत योजनाओं की करेंतो राष्ट्रीय शिक्षा योजना 2020 और स्टार्टअप इंडिया याने स्टार्टअप नेटवर्क दो आधारभूत ढांचे हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम हमारी अगली पीढ़ियों तक देखा जाएगा। जो अभी लागू हो चुकी हैं।...साथियों बात अगर हम 16 अगस्त 2021 शाम की करें तो पीआईबी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार केंद्रीय वाणिज्य उद्योग उपभोक्ता मामले के मंत्री ने राष्ट्रीय स्टार्टअप सलाहकार परिषद की वर्चुअल आयोजित बैठक की अध्यक्षता में अपने संबोधन में कहा, हमारे स्टार्टअप इकोसिस्टम में भारत को दुनिया का इनोवेशन एंड इन्वेंशन हब बनाने की क्षमता और उसे पूरा करने का हमारा वादा है और नेशनल स्टार्टअप एडवाइजरी काउंसिल इसी पर भारत में नए स्टार्टअप उद्यमियों के लिए आगे बढ़ने का रास्ता तैयार करने के लिए अथक प्रयास कर रही है। एनएसएसी उच्च प्रतिस्पर्धा हासिल के लक्ष्य के लिए स्टार्टअप्स का बढ़ावा देगा और भारत को स्टार्टअप की राजधानी बनाएगा। उन्होंने कहा वित्त पोषण, मेंटरशिप, कराधान आदि के विचारों को लागू करने से हम अपने स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत करने में सक्षम होंगे। हमारा स्टार्टअप इकोसिस्टम युवाओं की ऊर्जा, उत्साह और उनकी समझदारी का प्रतिबिंब है। देश में स्टार्टअप इंडिया आंदोलन ने हमारी मानसिकता,कर सकते हैं, से बदल कर करेंगे में तब्दील कर दी है!!!!...साथियों बात अगर आम स्टार्ट अप इंडिया की करें तो, इससे खुशहाली आत्म निर्भरता और रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगें। स्टार्टअप इंडिया स्टैंडअप इंडिया है, की घोषणा, पीएम द्वारा स्वतंत्रता दिवस 2015 के भाषण में की गयी थी। ये पीएम और उनकी टीम द्वारा देश के युवाओं की मदद करने के लिये एक प्रभावी योजना है। ये पहल युवाओं को उद्योगपति और उद्यमी बनने का अवसर प्रदान करने के लिये की गयी है जिसके लिये एक स्टार्ट-अप नेटवर्क को स्थापित करने की आवश्यकता थी। स्टार्ट-अप का अर्थ,देश के युवाओं को बैंको के माध्यम से वित्त प्रदान करना जिससेउनकी शुरुआत बेहतर मजबूती के साथ हो ताकि वो भारत में अधिक रोज़गार सृजन कर सके। भारत में स्टार्टअप की परिभाषा स्टार्टअप को एक ऐसी संस्था के रूप में सरकार परिभाषित करती है जिसका मुख्यालय भारत में है, जिसकी वार्षिक आय 100 करोड़ रुपये से कम है और यह दस साल से भी कम समय में खुली है। स्टार्ट-अप एक्शन प्लान मुख्य रूप से इन तीन बृहद भागों में विभाजित है। (1)सरलीकरण और प्रारंभिक सहायता (2) समर्थन और प्रोत्साहन अनुदान (3)उद्योग शैक्षिक जगत (एकेडेमिया) भागीदारी और उद्भवन, इसका उद्देश्य स्टार्टअप्स पर नियामक का बोझ कम करना है ताकि वे अपने मुख्य कारोबार पर ध्यान केंद्रित कर सकें और अनुपालन की लागत कम रख सकें। नियामक व्यवस्थायें इस प्रकार और सरल एवं लचीली होंगी तथा निरीक्षण और अधिक सार्थक एवं सरल होगा। भारत में स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार नें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप उत्सव शुरू करने का प्रस्ताव किया है। यह संभावित निवेशकों, परामर्शदाताओं और साथी स्टार्टअप्स को सम्मिलित करते हुए एक व्यापक जन समुदाय के समक्ष उनके काम और विचारों का प्रदर्शन करने के लिए एक मंच होगा। स्टार्टअप इंडिया-द वे अहेड के लक्ष्यों को साकार करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। गौरतलब है कि स्टार्टअप इंडिया-द वे अहेड अभियान को पीएम ने जनवरी, 2021 में लॉन्च किया था। इससे भारत को उस मंच पर पहुंचने में मदद मिलेगी, जहां दुनिया भर के देश भारत की उपलब्धियों के आधार पर अपने स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार करना चाहेंगे।इससे स्टार्टअप इंडियाको भी वैश्विक मंच मिलेगा। इसके अतिरिक्त, भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने हेतु सरकार को नियामक के बजाय मददगार के रूप में कार्य करना होगा।...साथियों बात अगर हम वर्तमान में कोविड से उबरने की करें तो, केंद्रीय मंत्रीने कहा कोविड-19 के इस युग में, जब हर कोई गंभीर तनाव से उबर रहा है, वह हमारे स्टार्टअप इकोसिस्टम के लचीलापन की भावना कोदेखकर खुश थे। मंत्री ने कहा कि 21वीं सदी स्टार्टअप की सदी है और हमारे स्टार्टअप्स के साथ यह भारत की सदी है। उन्होंने कहा कि 21 यूनिकॉर्न पिछले 6 महीनों से सभी को बड़े सपने देखने और बड़ा हासिल करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। लगभग 60 यूनिकॉर्न के साथ, भारत के पास पूरी दुनिया में सबसे बड़ा स्टार्टअप है।...साथियों बात अगर हम स्टार्टअप इंडिया के संबंध में वर्तमान राष्ट्रीय शिक्षानीति 2020 की करें तो मंत्री ने, स्टार्टअप क्रांति शुरू करने का आग्रह किया, कि एनईपी 2020 के साथ, स्कूल अब कम उम्र में स्टार्टअप विचारों के बीज बोएंगे। आज के युवा कल के रोजगार सृजनकर्ता औरइन्नोवेशन के लिए चौथी औद्योगिक क्रांति के नेता हैं। उसकी चाहत है कि पूरे भारत में विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में नए स्टार्टअप उभरें, यह रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा और अगड़ों एवं पिछड़ों के संबंधों को मजबूत करेगा। उनके अनुसार आज हमारा नजरिया, विकास के पारंपरिक मॉडल से आगे बढ़ चुका है। हमारा उद्देश्य एक नया भारत बनाना है यानी आत्मनिर्भर भारत और स्टार्टअप के साहस, सहयोग और प्रतिबद्धता के साथ एक आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की कुंजी हैं और इस तरह के एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हम सभी संबंधित पक्षों से सहभागी दृष्टिकोण की आवश्यकता है, उद्योग को इन्नोवेटर्स की पहचान करके और टैलेंट में निवेश करके सुपरस्टार स्टार्टअप बनाने में मदद करनी चाहिए। अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे के आज के युवा कल के रोज़गार सृजनकर्ता और इनोवेशन के लिए चौथी औद्योगिक क्रांति के नेता हैं भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के अंदर भारत को दुनिया का इनोवेशन और अविष्कार का केंद्र बनाने की क्षमता का जो वादा किया गया है वह सराहनीय है। जिससे जल्द ही हमारे भारत की फाइव ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का सपना साकार होगा।

-संकलनकर्ता कर विशेषज्ञ एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र