प्रेमचंद

उपन्यास सम्राट है

मुंशी प्रेमचंद्र जी।

सामाजिक समस्याएं

सदा आप लिखते।।

मूल्यवान कहानियांँ

और उपन्यास बड़े

हिंदी साहित्य में सदा

ध्रुव से चमकते।।

किसान और मजदूर

स्त्री -दलित के शोषण

समाज की जो दुर्दशा

उन्हें आप रखते।।

पशु पक्षियों से रख

दिल में अगाध स्नेह

बैलों की कथा मार्मिक

लेखनी से रचते।।

मातृभूमि का सम्मान

देते हैं वीरों को मान

कठिन समय में भी

सोजे वतन रचते

सजल और सजीव

मुहावरेदार लिख कर

हिंदी साहित्य की आप

गागर नित भरते।।

अरबी फारसी अंग्रेजी

शब्दों का प्रयोग कर

मुंशी प्रेमचंद्र आप

समरसता को भरते

लेखनी को है नमन

जब जब पढें  हम

अनुपम आनंद हिय

वीनू हम भरते।।

उपन्यास सम्राट है 

मुंशी प्रेमचंद जी....


वीनू शर्मा

जयपुर-राजस्थान