कृषि यंत्र के निर्धारित दर से अधिक वसूलने पर डीएम ने एफपीओ पर एफ आई आर दर्ज करने के निर्देश दिये

हमीरपुर । प्रमोशन आफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॉर इन सीटूूू मैनेजमेंट ऑफ क्राप रेेेजड्यू  योजना के अंतर्गत फार्म  मशीनरी बैंक की स्थापना के संबंध में एक आवश्यक बैठक जिलाधिकारी डॉ ज्ञानेश्वर त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में संपन्न हुई| जिलाधिकारी डॉ ज्ञानेश्वर त्रिपाठी की अध्यक्षता में जनपद में फार्म मशीनरी बैंक योजनान्तर्गत फसल अवशेष प्रबन्धन हेतु विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्रों पैडी स्ट्राचापर, श्रेडर, मल्चर, श्रब मास्टर, रोटरी स्लेशर, हाइड्रोलिक रिर्वसबुल एम0बी0 प्लाऊ, सुपर सीडर, बेलर, सुपर स्ट्रा मैनेजमेन्ट सिस्टम, जीरोटिल सीड कम फर्टीड्रिल, हैपी सीडर, स्ट्रा रैक, क्राप रीपर एवं रीपर कम्बाइन्डर ग्राम पंचायतों को 80 प्रतिशत का अनुदान पर दिये जाने है, जिसमें जनपद स्तरीय कार्यकारी समिति द्वारा 03 ग्राम पंचायत जखेला, पंधरी, जमखुरी एवं एक सहकारी समिति सुमेरपुर के चयन का अनुमोदन किया गया। 

समितियों को योजनानुसार परियोजना लागत रू0 5 लाख का 80 प्रतिशत कुल रू0 4 लाख का अग्रिम अनुदान उनके द्वारा उपलब्ध कराये गये बैंक खातें में उपलब्ध करा दिया जायेगा, जिसमें कम से कम 02 कृषि यंत्र होना अनिवार्य है, जिसे अनुदान प्रेषित होने के एक माह के अन्दर क्रय करना होगा। उन कृषि यंत्रों का सत्यापन उप कृषि निदेशक द्वारा नामित अधिकारी/कर्मचारी तथा जिला पंचायतराज अधिकारी द्वारा नामित अधिकारी/कर्मचारी के साथ संयुक्त रूप से किया जायेगा। 

इसी प्रकार रू0 15 लाख तक की परियोजना लागत की फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना हेतु 04 लक्ष्य के सापेक्ष 12 कृषक समूहो द्वारा पोर्टल से ऑनलाइन बुकिंग की गयी, जिसमें 06 एफ0पी0ओ0, 01 किसान समिति पात्र पायी गयी एवं 05 महिला स्वयं सहायता समूह जो सहायक निबंधक, सहकारी समिति झासीं से पंजीकृत न होने के कारण अपात्र पायी गयी, जिसे सर्वसम्माति से अपात्र माना गया, शेष 07 कृषक समूहो के टोकन कन्फर्म में होने के उपरान्त नियामानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। 

फार्म मशीनरी बैंक योजनान्तर्गत वितरित किये गये कृषि कृषि यंत्रों से जनपद के अन्य कृषकों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से जनपद स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित कर यंत्रों के संचालन दर का निर्धारण किया गया। लेजर लैण्ड लेवलर से के लिए रू0 800 प्रति घंटा, पैडी स्ट्रा चापर के लिए रू0 1250 प्रति हे0, मल्चर रू0 1800 प्रति हे0, एम0बी0 प्लाऊ 2500 प्रति हे0, जीरोट्रिल सीडड्रिल रू0 1000 प्रति हे0, श्रब मास्टर रू0 1500 प्रति हे0, कटर कम स्प्रेडर रू0 1500 प्रति हे0, हैप्पी/सुपर सीडर रू0 3000 प्रति हे0 एवं रीपर कम्बाइन्डर रू0 5000 प्रति हे0 की दर निर्धारित की गयी। 

फार्म मशीनरी के स्थापित स्थल से कृषक के खेत तक ट्रेक्टर के साथ कृषि यंत्रों को लाने ले जाने की दूरी हेतु रू0 8 प्रति किमी0 अतिरिक्त रूप से देना होगा। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी एफ0पी0ओ0/एन0आर0एल0एम0 समूह को कृषकों की मांग पर उक्त दर पर ही उनके खेतों में कार्य किये जायें। इस दर से अधिक कोई समूह अधिक चार्ज नही करेगा, अगर किसी के द्वारा इसका उल्लंघन किया गया तो नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। उन्होने यह भी निर्देशित किया कि प्रत्येक समूह के लोग अपने यहां एक रजिस्टर बना लें जिसमें कृषि यंत्रों की मांग करने वाले व्यक्तियों की सूचीबद्व करते रहें, तथा उसी के क्रम में किराये पर उनको यंत्र उपलब्ध कराया जाये। कोशिश यह होना चाहिए कि अधिकतम कृषकों को लाभान्वित किया जाये। 

दिग्यदर्शक फार्मर प्रोड्सर कम्पनी लि0 सिजवाही विकास खण्ड मौदहा द्वारा समिति द्वारा निर्धारित दरों से बहुत अधिक दर पर कृषकों को एम0बी0प्लाऊ किराये पर उपलब्ध कराया गया है, जिस कारण जिलाधिकारी  द्वारा कड़ी नाराजगी प्रकट करते हुये उक्त एफ0पी0ओ0 के विरूद्ध एफ0आई0आर0 दर्ज करने के निर्देश दिये गये है तथा कहा कि निर्धारित दर से अधिक पर किये गए कार्य की धनराशि की रिकवरी की जाए ।उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि  जनपद में संचालित सभी फार्म मशीनरी बैक के लाभाथियों समूह को निर्देश दिये गये कि समिति द्वारा निर्धारित दरों से अधिक दर पर यदि कोई किराये पर अपने कृषि यंत्र चलाता है तो उसके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी एवं निर्देशित किया गया कि सभी फार्म मशीनरी बैक के लाभाथियों समूह अपने अभिलेख का रख-रखाव सही ढंग से करे।

जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि पराली/अन्य फसल अवशेषों को कदापि न जलाया जाये, अपितु कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे निःशुल्क वेस्ड डी कम्पोजर का प्रयोग करके उसे सड़ाकर खाद के रूप में प्रयोग करें।  

इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी कमलेश कुमार वैश्य, जिला विकास अधिकारी विकास ,उप निदेशक कृषि डॉ सरस् तिवारी ,कृषि विज्ञान केंद्र कुरारा के वैज्ञानिक, अग्रणी बैंक जिला प्रबंधक ,डीपीआरओ, प्रगतिशील किसान तथा विभिन्न एफपीओ के पदाधिकारी मौजूद रहे।