चीनी नागरिकों पर हमले का दोष पाकिस्तान ने भारत के मत्थे मढ़ा

बीजिंग : खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हाल ही में हुए चीनी नागरिकों पर हमले का दोष पाकिस्तान ने भारत के मत्थे मढ़ा है। वहीं, चीन ने कहा है कि वह जांच के संबंध में पाकिस्तान के प्रयासों से खुश है। चीन ने कहा कि आतंकवादी हमले में पाकिस्तानी पक्ष की जांच में 'काफी कम समय में महत्वपूर्ण प्रगति' देखी गई है। चीन की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, 'चीन इस पर बहुत ध्यान दे रहा है। साथ ही वह पाकिस्तान के सक्रिय प्रयासों की सराहना करता है। पाकिस्तान द्वारा आगे की जांच की जा रही है।' 

अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में चीनी नागरिकों पर हुए आत्मघाती हमले के पीछे भारत और अफगानिस्तान का हाथ बताने के पाकिस्तान के आरोपों पर शुक्रवार को चीन ने कहा कि वह आतंकवाद का इस्तेमाल कर 'भू-राजनीतिक लाभ' हासिल करने वाली 'किसी भी ताकत' का पुरजोर विरोध करता है। उस हमले में नौ चीनी नागरिकों समेत 13 लोगों को मौत हुई थी। बता दें कि जांच पूरी होने के बाद गुरुवार को इस्लामाबाद में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि हमले के लिए अफगानिस्तान के भू-भाग का इस्तेमाल किया गया और इसमें इस्तेमाल किया गया वाहन अफगानिस्तान से तस्करी कर लाया गया था। साथ ही उन्होंने भारतीय गुप्तचर एजेंसी रिसर्च ऐंड एनालिसिस विंग (रॉ) और अफगानिस्तान के नेशनल डायरेक्टरेट ऑफ सिक्युरिटी (एनडीएस) पर इस हमले का आरोप लगाया। 

चुनयिंग ने आतंकवादी हमले की जांच के बारे में पाकिस्तानी सरकार के अपडेट से जुड़े सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर पोस्ट एक बयान में कहा कि चीन और पाकिस्तान दोनों पक्षों के नेताओं द्वारा बनाई गई महत्वपूर्ण सहमति का पालन करेंगे। सभी तथ्यों और सच्चाई का पता लगाएंगे और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाएंगे। उन्होंने कहा 'आतंकवाद समस्त मानव जाति का आम दुश्मन है। भू-राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए आतंकवाद का उपयोग करने वाली किसी भी ताकत का चीन दृढता से विरोध करता है। साथ वह इस क्षेत्र के देशों से सभी आतंकवादी संगठनों के खात्मे में सहयोग करने का आह्वान करता है ताकि सभी देशों की सामान्य सुरक्षा और विकास हितों को बरकरार रखा जा सके।'

गौरतलब है कि उस हमले में नौ चीनी इंजीनियर सहित 13 लोग मारे गये थे। यह हमला 14 जुलाई को ऊपरी कोहिस्तान जिले के दासु इलाके में हुआ था, जहां एक चीनी कंपनी सिंधु नदी पर 4,300 मेगावाट बिजली पैदा करने वाली पनबिजली परियोजना पर काम कर रही है। बस जब चीनी इंजीनियरों और श्रमिकों को लेकर निर्माणधीन दासु बांध के स्थल पर जा रही थी तभी उसमें विस्फोट हो गया और गहरे नाले में गिर गई थी। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे दो एजेंसियों की साठगांठ है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने 36 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जबकि जांच के दायरे में करीब 1400 किमी के इलाके को शामिल किया गया।

पिछले महीने, पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद के आवास के पास 23 जून को हुए एक हमले का सूत्रधार एक भारतीय नागरिक था और वह रॉ से संबद्ध है। बाद में उसने दावा किया कि दासू विस्फोट और सईद के आवास के बाहर हुए विस्फोट के बीच एक तार जुड़ा हुआ है। भारत ने पाकिस्तान के इस दावे को बेबुनियाद दुष्प्रचार बताते हुए खारिज कर दिया कि कराची और लाहौर में हुए कुछ हमलों के पीछे उसका (भारत) हाथ था। साथ ही, भारत ने इस्लामाबाद को पाकिस्तानी भू-भाग से उत्पन्न होने वाले आतंकवाद के खिलाफ विश्वसनीय और सत्यापित करने योग्य कार्रवाई करने को कहा था।

कुरैशी ने दावा किया कि पहला निशाना गिलगित बाल्तिस्तान में डाइमर-बाशा बांध स्थल था, लेकिन इसे निशाना बनाने में नाकाम रहने पर आतंकवादियों ने दासू परियोजना को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने हमले को अंजाम देने वालों का पता लगाया और वे लोग इससे जुड़े मिले। चीनी अधिकारियों ने घटना स्थल का दौरा किया और उन्हें जांच की अद्यतन जानकारी दी गई। चीन जांच से संतुष्ट है। प्रांत के आतंक रोधी विभाग के महानिदेशक जावेद इकबाल ने कहा कि आत्मघाती हमलावर की पहचान अफगान नागरिक खालिद उर्फ शेख के तौर पर हुई है।

कुरैशी ने कहा कि हमले में 14 लोग शामिल थे, और समूह का नेतृत्व तारिक नाम का एक व्यक्ति कर रहा था, जो प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) का सदस्य था। विदेश कार्यालय ने कहा कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने घटना की गहन जांच की है और हर स्तर पर चीनी पक्ष के साथ निष्कर्ष साझा किया है। आतंकवादी हमले की साजिश अफगानिस्तान में रची गई थी। वाहन सहित अन्य सामग्री वहीं से मुहैया करायी गयी, जबकि आत्मघाती हमलावर को अफगानिस्तान में प्रशिक्षित किया गया था और हमले को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान लाया गया था।