सर्दी, खांसी, बुखार के मरीज बढ़े वैक्सीनेशन से बच रहे

इंदौर। शहर के हर दूसरे घर में सर्दी, खांसी, बुखार का एक मरीज देख वैक्सीन लगाने जा रहे लोग, लेकिन लाख समझाइश के बावजूद वैक्सीनेशन का दूसरा डोज अब तक नहीं लगा रहे लोग, कारण त्यौहार बता रहे हैं। शहर में वैक्सीनेशन को लेकर तमाम जागरुकता अभियान चलाए जा रहे हैं। देश स्तर पर चल रहे वैक्सीनेशन के जागरूकता अभियान से कई लोगों ने पहला डोज लगवा लिया है लेकिन दूसरे डोज से अब भी दूर हैं। ऐसे में हर दूसरे घर में सर्दी, खांस, बुखार के मरीज देख लोग अब वैक्सीन लगवा रहे हैं। मध्यप्रदेश में वैक्सीनेशन को लेकर सरकार ने कड़े और बड़े कदम उठाए हैं। इंदौर का जिला प्रशासन भी वैक्सीनेशन की इस जागरुकता में अव्वल रहा है। इंदौरवासियों ने वैक्सीनेशन के पहले डोज में तो रिकार्ड पारी खेली है। लेकिन दूसरे डोज से अब भी कई लोग वंचित हैं। ऐसे में बदलते मौसम के चलते सर्दी, खांसी, बुखार के हर दूसरे घर में मिल रहे मरीज से लोगों में कोरोना की तीसरी लहर को भय बन चुका है। नीति आयोग के सितम्बर, अक्टूबर में छ: लाख कोरोना के रोजाना मरीज मिलने के दावे से लोगों में डर बनने लगा है। लेकिन वैक्सीनेशन के दो डोज लगवा चुके लोग इस भय से फिलहाल दूर हैं, लेकिन सावधानी जरूरी है। सर्दी, खांसी के मरीज से खौफ में लोग अब वैक्सीनेशन की ओर रुख कर रहे हैं।