आदिवासी कोल को जनजाति का दर्जा देने के लिए अखिलेन्द्र ने भेजा पत्र

लखनऊ। प्रदेश में लाखों की संख्या में रहने वाली आदिवासी कोल जाति को जनजाति का दर्जा देने के लिए स्वराज अभियान के राष्ट्रीय नेता अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने आज जनजाति कार्यमंत्रालय को पत्र भेजा। पत्र की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री को भी भेजी गई है। पत्र में उन्होंने कहा कि 2013 में ही उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा कोल जाति को जनजाति का दर्जा देने के सम्बंध बकायदा सर्वे कराकर आवश्यक नृजातीय सामग्री सहित भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रपत्र पर सूचनाएं अंकित कर जनजाति कार्य मंत्रालय भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था। कोल के जनजाति दर्जा के सम्बंध में हमारे द्वारा कई पत्र जनजाति कार्य मंत्रालय भारत सरकार को भेजे गए परन्तु आज तक इस सम्बंध कोई कार्यवाही नहीं की गयी। जिसके कारण कोल आदिवासी जाति के संवैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है। पत्र में मांग की गई कि उ0 प्र0 शासन द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर उचित कार्यवाही करके उत्तर प्रदेश की ‘कोल‘ आदिवासी जाति को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने का कष्ट करें जिससे कि कोल आदिवासी जाति को जनजाति का दर्जा प्राप्त हो सके और वह जनजाति को प्राप्त अन्य अधिकारों के साथ अनुसूचित जनजाति व अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 के अधिकारों का भी उपभोग कर सके।