बाढ़ प्रभावित इलाकों में ममता का दौरा, पीड़ितों से मुलाकात, बोलीं- दिल्ली भेजेंगे प्रतिनिधिमंडल

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई निरीक्षण किया. सीएम ने पूर्वी मेदिनीपुर के घाटाल का भी जायजा लिया. उन्होंने घाटाल नगरपालिका के वार्ड संख्या दो के बाढ़ पीड़ितों की मदद की। सीएम ममता बनर्जी ने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने जिक्र किया कि केंद्र सरकार से घाटाल मास्टर प्लान को बनाने के लिए बार-बार अनुरोध किया जा रहा है. इसके बावजूद मोदी सरकार किसी तरह की हमारी मदद नहीं कर रही है और ना ही हमें अनुमति भी दे रही है। ममता बनर्जी का आरोप है कि दामोदर घाटी निगम के ‘अत्यधिक पानी’ छोड़े जाने से पश्चिम बंगाल में ‘मानव निर्मित’ बाढ़ आई है. ममता बनर्जी का कहना है कि बाढ़ के पानी के कारण घर और दुकानों पर संकट दिख रहा है. हमें सुंदरवन और दीघा को बचाने की दिशा में कदम उठाने होंगे. डीवीसी से पानी छोड़ने के कारण हर साल बंगाल में बाढ़ आती है. हमारे मंत्री और सांसद जाकर केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात करेंगे. उनसे केंद्र सरकार के घाटाल मास्टर प्लान को मंजूरी देने की मांग करेंगे. घाटाल मास्टर प्लान के बन जाने के बाद यहां बाढ़ नहीं आएगी। दरअसल, पश्चिम बंगाल के सात जिलों में बाढ़ के संकट से 23 लोगों की जान चली गई. कई लाख लोग विस्थापित हो गए. दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) से पानी छोड़ने के कारण बंगाल में बाढ़ की स्थिति विकराल होने के आरोप लगाए जा रहे हैं. खुद सीएम ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और डीवीसी पर राज्य की बाढ़ को लेकर आरोप लगाए हैं. ममता बनर्जी का कहना है कि डीवीसी के कारण पश्चिम बंगाल में मानव निर्मित बाढ़ आई है. इसको लेकर केंद्र सरकार को चिट्ठी भी लिखी गई है. चिट्ठी पर पीएम नरेंद्र मोदी ने उचित कदम उठाने का भरोसा दिया है।