बाढ़ पीड़ित बोले, नए सिरे से बसाई जाए बस्ती

उरई/जालौन। पचास बाढ़ पीड़ितों ने तहसीलदार प्रेमनारायण प्रजापति को ज्ञापन सौंपकर नए सिरे से बस्ती बसाए जाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि दो तीन वर्षों में बाढ़ की विभीषिका से जूझना पड़ता है। जिससे एक-एक दाने को मोहताज होना पड़ता है। शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है कि ऊंचे स्थान पर मकान बनवाकर ग्रामीणों को बसाया जाए। तहसील क्षेत्र के गांव कुसेपुरा निवासी संतोष कुमार, अविलाख सिंह, अवधेश कुमार, मेवालाल, हरगोविंद, बलवीर, हिम्मत सिंह, राजवीर, माताप्रसाद, जगत सिंह, मुन्नालाल, मुन्नेश, शिवनारायण समेत पचास ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2019 एवं 2021 में आई बाढ़ से अनाज, कपड़ा, बर्तन, भूसा, जानवर सभी पानी में बह गए। मकान धराशाई हो गया। वहीं, खेतों में बोई फसल नष्ट हो गई है। ऐसी स्थिति में रहना और खाना मुश्किल हो रहा है। बाढ़ के पानी से आ रही बदबू से लोग बीमारी के शिकार हो रहे हैं। जनप्रतिनिधि, अधिकारी अब सुनने नहीं आ रहे हैं। बाढ़ ने वर्षों की कमाई का पलक झपकते नाश कर दिया है। सरकार आवास देकर लोगों को नए सिरे से बसाने का काम करें। साथ ही नौ माह तक खाने की व्यवस्था कराई जाए। ग्रामीणों का आरोप है कि शीघ्र व्यवस्था नहीं की गई तो ग्रामीण धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।