किन्नौर के सेब को नहीं मिल पा रहे वाजिब दाम, बागवानों में छाई मायूसी

किन्नौर : स्वाद और गुणवत्ता के लिए मशहूर किन्नौर के सेब को भी इस बार मंडियों में वाजिब दाम नहीं मिल रहे हैं। इससे बागवानों में मायूसी छाई है। मंडियों में दाम गिरने से हजारों बागवानों को आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है। जिले के निचार, कल्पा और पूह खंड से अभी तक सेब की 45862 पेटियां देश की विभिन्न मंडियों में भेजी जा चुकी हैं। बागवानों को 28 से 30 किलो की सेब पेटी का दाम 1500 से 1800 रुपये मिल रहा है। इससे पहले 2000 से 3200 रुपये प्रति पेटी बिकता रहा है। 8 से 10 किलो सेब पेटी के दाम अभी 800 से 1200 रुपये मिल रहे हैं। 

हालांकि, अभी जिले में सेब सीजन की शुरुआत ही हुई है। निचार खंड से 37343, कल्पा से 8119, जबकि पूह खंड से अभी तक सिर्फ 400 पेटियां भेजी गई हैं। बागवानों को चिंता सता रही है कि फसल के उचित दाम नहीं मिले तो उनकी मेहनत पर पानी फिर जाएगा। उन्होंने सरकार और बागवानी विभाग से मांग की है कि दामों में गिरावट रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।

उद्यान विभाग किन्नौर के उपनिदेशक डॉ. चंद्रमोहन बाली ने कहा कि जनजातीय जिले से अभी तक 45862 पेटी सेब देश की विभिन्न मंडियों के लिए भेजा जा चुका है। एपीएमसी निदेशक शिमला-किन्नौर प्रविंद्र सिंह नेगी ने माना कि बीते वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष बागवानों को कम दाम मिल रहे हैं।

इस बार बंपर फसल होने के चलते सेब की खरीद तो बढ़ी, लेकिन दाम कम मिल रहे हैं। क्षेत्र के बागवानों ने कहा कि बीते वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष फसल ज्यादा है, लेकिन मंडियों में अच्छे दाम नहीं मिल रहे। 

किन्नौर जिले से अभी तक रत्नपुर फल मंडी में 4546, शिमला 121, सोलन 2984, चंडीगढ़ 11263, दिल्ली 2622, मुंबई 6614, बिथल 6203, सैंज 2485, मतियाना 358, परवाणू 3510, नारकंडा 3103 और खेगसू मंडी में सेब की 1050 पेटियां भेजी गई हैं। टापरी फल मंडी में तीन दिनों में सेब की 2000 पेटियां पहुंची हैं।