कौमी बेदारी काउंसिल की बैठक हुई संपन्न

कौमी बेदारी काउंसिल का सम्मेलन उत्तर प्रदेश की मौजूदा हालात हमारी जिम्मेदारी पर आधारित था जिस की अध्यक्षता डॉक्टर मौलाना यासीन अली उस्मानी ने किया । बताते चलें कि इस कौमी बेदारी काउंसिल के सर परस्त जनाब जफरयाब जिलानी है जिनको लोग वकील मिल्लत भी कहते है उनके सर में चोट लगने से इस समय वह बेड रेस्ट चल रहे हैं उनकी अनुपस्थिति में उनके निर्देशन में यह कार्यक्रम उनके छोटे भाई और कौमी बेदारी काउंसिल के जनरल सेक्रेटरी जनाब मसूद जिलानी और कौमी बेदारी काउंसिल के अध्यक्ष मोहम्मद कमर आलम और वकील ए मिल्लत जनाब जफरयाब जिलानी साहब के दोनों साहबजादे डॉक्टर सुल्तान अहमद की देखरेख में हुआ इस बैठक में उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों से प्रभावी और चुनिंदा लोगों को बुलाया गया था इस बैठक में कई बिंदुओं पर अहम फैसले भी लिए गए जनाब जफरयाब जिलानी के दिशा निर्देश में प्रभावी ढंग से आंदोलन चलाया जाए 11 सदस्यीय समिति का गठन भी किया गया जिन बिंदुओं पर बहुमत के साथ निर्णय लिया गया 1 मिल्ली एवं सामाजिक संगठनों को एक कर के संयुक्त कार्यक्रम बनाया जाए 2 मुस्लिम युवकों में आत्मविश्वास पैदा कर सकारात्मक सोच उजागर की जाए ।3 लोकतांत्रिक एवं सामाजिक मूल्यों को फासीवादी शक्तियों के पंजे से निकाल कर बहाल कराने का प्रयास करते हुए इसके लिए न्याय एवं संविधान प्रिय देशवासियों को साथ लिया जाए ।4 धर्मनिरपेक्ष दलों को एक राय करने और विघटनकारी शक्तियों के विरुद्ध न्याय प्रिय तथा लोकतांत्रिक एवं संविधान में विश्वास रखने वाली शक्तियों को साथ लिया जाए ।नंबर 5 मतगणना तथा मतदान का महत्त्व अवगत कराते हुए अन्य सरकारी कागजात बनवाने हेतु ध्यान आकर्षित किया जाए इसके लिए मस्जिद मदारिसके जिम्मेदार तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं की भरपूर सहायता ली जाए।सम्मेलन में बोलते हुए मौलाना डॉक्टर यासीन अली उस्मानी ने कहां की हर मांग हमें संवैधानिक दायरे में रहकर करनी चाहिए ।इस सम्मेलन में तमाम लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए ।स्वागत भाषण काउंसिल के अध्यक्ष मोहम्मद कमर आलम ने किया और सम्मेलन के उद्देश्यों से अवगत कराया जिस पर प्रतिनिधियों ने अपनी राय प्रकट की।।