हे राम तुम्हे पुनः धरा पर आना होगा

हे राम तुम्हे पुनः धरा पर आना होगा, 

इस नीच और कुंठित को

 अपना अस्तित्व बताना होगा। 


 जन्म लिए तुम दशरथ के घर

 अवदधपुरी के पावन धाम,इसका प्रमाण बताना होगा 


हे राम तुम्हे पुनः धरा पर आना होगा,

 इस नीच और कुंठित को

 अपना अस्तित्व बताना होगा।


 उस काक को जैसे तुमने,

तीनो लोको में दौड़ाया था, 

फिर थक हार कर वो तेरे

 सरण में ही आया था,

फिर इस काक को भी 

अपना भान करना होगा l


 हे राम तुम्हे पुनः धरा पर आना होगा,

 इस नीच और कुंठित को 

अपना अस्तित्व बताना होगा। 


 तुमने तोड़ा शिवधनुष

 जो ने कोई उठा सके, 

और ज्ञानी   परशुराम को

अपना पहचान बता गए,

 अब इसका प्रमाण आकर 

खुद तुमको बताना होगा l


 हे राम तुम्हे पुनः धरा पर आना होगा,

 इस नीच और कुंठित को

 अपना अस्तित्व बताना होगा।


 तुमने बंधे समुद्र सेतु जो 

अपने आप में है प्रमाण, 

तुमने मारे कई अशूर 

जिससे त्रास्त था इंसान, 

इसका भी अब तुमको खुद ही 

प्रमाण बताना होगा। 


हे राम तुम्हे पुनः धरा पर आना होगा, 

इस नीच और कुंठित को

 अपना अस्तित्व बताना होगा। 


 तुमने मारा रावण को

 जिसने जीता था काल को, 

उस काल जई को मारकर भी

 इसका प्रमाण बताना होगा l 


हे राम तुम्हे पुनः धरा पर आना होगा,

 इस नीच और कुंठित को

 अपना अस्तित्व बताना होगा। 


 तुमने सुना वो धोबी की बात, 

अग्नि परीक्षा उपरांत भी

 सीता को भेजा बनवास, 

उस मर्यादा का इनको

 प्रमाण बताना होगा l


 हे राम तुम्हे पुनः धरा पर आना होगा,

 इस नीच और कुंठित को 

अपना अस्तित्व बताना होगा। 


 राम राज्य स्थापित कर

 जनता में संतोष दिया,

 आपस के सौहार्द को 

दुनिया मे फैला दिया, 

अपने इस कृत्य को फिर से

 प्रमाणित करना होगाl 


हे राम तुम्हे पुनः धरा पर आना होगा,

 इस नीच और कुंठित को

 अपना अस्तित्व बताना होगा।


कृत्य आपका हमने सुना

 पुरखों और विद्वानों से,

कर्म गाथा हमने सुना ऋषि मुनि 

और उनके शन्तानो से।

मंदिर में भी हमने पूजा 

नारायण का कहकर अवतार,

देव नही फिर मानव बनकर

 हम जनता का कर दो उद्दार।।


हाथ जोड़ और नम्र निवेदन

 करे कमलेश फिर बारंबार,

 हे राम  पुनः धरा पर आकर, 

अस्तित्व बताने की दरकार। 


श्री कमलेश झा

नगरपारा भागलपुर