एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर सफेद शहद इन बीमारियों को चुटकियों में करता है दूर

शहद सेहत के लिए बेहद गुणकारी होता है। शहद फ्रक्टोज, ग्लूकोज, आयरन, कैलशियम, फास्फेट, सोडियम क्लोराइड, पोटेशियम और मैग्नीशियम से भरपूर होता है। शहद को नियमित रूप से सुबह एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू के रस के साथ और एक बड़ा चम्मच शहद मिलाकर पीने से आपके शरीर के सभी विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं। इसके अलावा यह मोटापा कम करने में भी बड़ा फायदेमंद है। वहीं ज्यादातर लोग ब्राउन शहद के बारे में जानते हैं लेकिन आज हम आपको सफेद शहद के बारे में बताने जा रहे है, जिसके बारे में बहुत ही कम लोग जानेत है। हल्के सफेद रंग के इस शहद को रॉ हनी भी कहा जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, इसका प्रयोग कई मेडिसन में किया जाता है। यह एक खास तरह का हनी है जिसे अल्फाल्फा, फायरवेड और सफेद तिपतिया के फूलों से बना होता है। इस हनी का टेक्घ्सचर क्रीमी होता है जिसे आसानी से स्प्रेड किया जा सकता है,आइए जानते हैं सफेद हनी शरीर के लिए कैसे लाभदायक है। सफेद शहद एंटीऑक्सीडेंट्स का पावर हाउस है, क्योंकि इस शहद में विटामिन ए और बी, कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस और जस्ते जैसे पोषक तत्व पाए जाते है। इसी के साथ इसमें फ्लेवोनोइड्स और फेनोलिक नामक यौगिक भी पाए जाते हैं  एंटीऑक्सीडेंट्स गुणों से भरपूर होते हैं। इसे खाने से हार्ट हेल्दी रहता है और बढ़ती उम्र के साइड इफेक्ट को कम करता है। सफेद शहद पुरानी से पुरानी से खांसी को दूर करता है। इसके लिए आप पानी उबालकर इसमें एक चम्मच नींबू और सफेद शहद डालकर पिएं तो आपकी खांसी में बहुत आराम मिलेगा, इसके साथ ही गले की खराश भी दूर हो जाती है। सफेद शहद से एनमिया की समस्या भी दूर होती है। इसके लिए आप रोजाना गुनगुने पानी में मिलाकर पीए ऐसा करने से शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा तेजी से बढ़ती है और महिलाओं की एनीमिया जैसी समस्या दूर होती है अगर आपके पेट में छाले, अल्सर आदि की समस्या है तो सफेद शहद आपके लिए बहुद ही फायदेमंद है। इसके अलावा ये पाचन तंत्र को भी दुरुस्त करने का काम करता है। इसके लिए आप रोजाना एक चम्मच सफेद शहद सुबह सुबह खाली पेट लें ऐसा नियमित करने पर आपकों जल्द आराम मिलेगा। सफेद शहद मुंह के छालों को भी दूर करता है। इसके सेवन से मुंह के अल्सर और छालों में आराम मिलता है, इसे आप डायरेक्ट प्रभावित हिस्से पर लगाएं। सफेद शहद में फाइटोन्यूट्रिएंट्स होते हैं, जो त्वचा के घावों को भरने के लिए उपयोगी होता है, साथ ही स्किन को हाइड्रेट रखता है और सुंदर बनाता है। इतना ही नहीं एडिमा, गठिया, सियाटिका, बवासीर, स्टोमैटाइटिस, मसूड़ों से खून बहना, महिलाओं में बांझपन के उपचार में भी मदद करता है।

posted by - दीपिका पाठक