प्रमोशन बहाल न होने से रेलवे कर्मचारियों में रोष

गोंडा । परिचालन मजदूर यूनियन के.मंडल कार्यालय पर मीटिंग का आयोजन किया गया। जिसमें की विभिन्न मुद्दे थे कि परिचालन विभाग के 50,000 से अधिक TVU वाली गेटों पर तत्काल प्रभाव से 8 घंटे ड्यूटी रोस्टर बहाल किया जाए। साथ में रुकी हुई वैकेंसीयों को बहाल किया जाए जिसमें की स्टेशन मास्टर और गार्ड की वैकेंसी हैं।उसके बाद पूर्वोत्तर रेलवे मजदूर यूनियन के महामंत्री केएल गुप्ता एवं संयुक्त महामंत्री ओमकार जी को भी इस विषय से अवगत कराया  गया। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जीएम साहब के साथ होने वाली Pnm मीटिंग में उन मुद्दों को उठाएंगे और कोशिश करेंगे कि जल्दी से जल्दी यह भर्ती व्यवस्था लागू कराई जा सके और कर्मचारियों की उनका अधिकार दिलाया जा सके।मंडल अध्यक्ष द्वारा जानकारी दी गई है कि पिछले 8 साल से स्टेशन मास्टर की वैकेंसी नहीं आई है और पिछले 4 साल से में गार्ड की वैकेंसी नहीं आई है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रमोशन का रास्ता बिल्कुल मंडल के अधिकारियों द्वारा बंद कर दिया गया है।जोनल महामंत्री  मनोज कुमार द्वारा जानकारी दी गई है कि 50,000 TVU उससे ऊपर के गेटों पर 8 घंटे ड्यूटी लेने का प्रावधान रेलवे बोर्ड द्वारा किया गया है, लेकिन मंडल के अधिकारी इस विषय में बिल्कुल संज्ञान नहीं ले रहे हैं, जबकि महाप्रबंधक के स्तर से अनुमोदन प्राप्त हो चुका है। इस विषय को लेकर बहुत जल्दी वह मंडल रेल प्रबंधक महोदय से मुलाकात कर अवगत कराएंगे और मांग करेंगे। जल्दी से जल्दी 8 घंटे रोस्टर को लागू किया जाए।मंडल मंत्री एवं कोषाध्यक्ष  दिनेश कुमार मल्ल द्वारा जानकारी दी गई है कि उनकी नियुक्ति स्वयं 2012 में हुई थी, लेकिन अभी तक उन्हें पदोन्नति का मौका नहीं मिला। इसी तरीके से बहुत से कर्मचारी हैं जिनको पदोन्नति का मौका मंडल रेलवे लखनऊ द्वारा नहीं दिया जा रहा है जिसके कारण कर्मचारियों में निराशा की भावना बढ़ती चली जा रही है और बहुत से कर्मचारी उनके साथ के नौकरी को भी छोड़ कर जा चुके हैं, जिससे काम का अधिक दबाव बढ़ता जा रहा है। लेकिन इस विषय में अधिकारियों द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है कि कर्मचारियों के हितों को भी ध्यान में रखा जाए।