--- तीखा तीर----

मतलब  पर  हो  जायें  इक़ठ्ठा 

धर्म  विपक्ष  का  निभाते  हैं 

संसद  बना  प्रचार  मंच 

बेल  में  नारे  चलाते  हैं 

भेद  डालें  जाति-पांति  का 

नफरत  को  पनपाते  हैं 

ये  हैं  देश  के  राजहंस 

बच्चों  जैसा  चिल्लाते  हैं 

------  वीरेन्द्र  तोमर